इंडियन मुजाहिदीन (आईएम) के शीर्ष कमांडर यासीन भटकल की गिरफ्तारी को जांच एजेंसियों की एक बड़ी सफलता माना जा रहा है।
जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि यासीन से मिलने वाली जानकारी से आईएम के कई और सदस्य सलाखों के पीछे होंगे, जिससे संगठन की जड़ें कमजोर होंगी।
यासीन के साथ पकड़ा गया उसका खास साथी असदुल्ला उर्फ हड्डी आजमगढ़ के बाजबहादुर मोहल्ले का रहने वाला है और बाटला हाउस कांड के बाद से ही फरार चल रहा था।
यूपी एटीएस को वाराणसी के शीतलाघाट पर 2010 में हुए विस्फोट में यासीन की तलाश थी। यासीन को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने के लिए यूपी एटीएस की एक टीम रवाना कर दी गई है।
नेपाल सीमा पर एनआईए व रॉ के संयुक्त ऑपरेशन में बुधवार रात दबोचे गए आईएम के मोस्ट वांटेड यासीन भटकल की गिरफ्तारी को अहम माना जा रहा है।
देश के विभिन्न प्रांतों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान हुए विस्फोटों में आतंकी संगठन आईएम का नाम प्रमुखता से आया है और इन विस्फोटों में यासीन भटकल व उसके साथियों की अहम भूमिका भी सामने आ चुकी है।
आईएम के संस्थापक रियाज व इकबाल भटकल (दोनों भाई) के पाकिस्तान में शरण लेने के बाद से ही यासीन भटकल भारत में आईएम का शीर्ष कमांडर था और अपने आकाओं के इशारे पर संगठन को संचालित कर रहा था।
कर्नाटक के भटकल गांव में रहने वाले तीनों ही भटकलों की देश की सभी खुफिया एजेंसियों को अरसे से तलाश थी और इनकी गिरफ्तारी पर लाखों का इनाम है।
वर्ष 2008 में गुजरात, दिल्ली, मुंबई आदि में सिलसिलेवार हुए विस्फोटों के बाद यासीन भटकल का नाम सुर्खियों में आया था।
19 सितंबर 2008 को बाटला हाउस मुठभेड़ में आईएम के कई सदस्यों के नाम सामने आए थे, जिनमें से अधिकांश आजमगढ़ के थे। इन्हीं में एक असदुल्ला अख्तर उर्फ हड्डी भी था।
केंद्रीय खुफिया एजेंसियों ने जब इनकी तलाश में आजमगढ़ में छापा मारा था, तब ये सभी वहां से भागकर लखनऊ के हसनगंज इलाके में आकर छिपे थे। हालांकि खुफिया एजेंसियां जब तक उनके छिपने के ठिकाने पर पहुंचतीं, वे यहां से भाग निकले थे।
एटीएस की टीम रवाना
यासीन को रिमांड पर लिया जाएगा और उसे यूपी लाकर पूछताछ की जाएगी। आईजी कानून-व्यवस्था आरके विश्वकर्मा ने बताया कि उसे रिमांड पर लेने के लिए यूपी एटीएस की टीम रवाना कर दी गई है। भटकल को मुंबई अथवा दिल्ली जहां भी पहले ले जाया जाएगा, यह टीम उससे वहां उससे पूछताछ करने की कोशिश करेगी।
इन विस्फोटों में शामिल रहा यासीन
- 2005 में वाराणसी के दशाश्वमेध घाट विस्फोट में नाम चर्चा में आया, पर पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले
- 2006 में मुंबई में सीरियल ट्रेन ब्लास्ट में
- 2008 में दिल्ली में हुए सीरियल ब्लास्ट में
- 2008 में अहमदाबाद विस्फोट में
- 2008 में सूरत विस्फोट में
- 2008 में जयपुर सीरियल ब्लास्ट में
- 2010 में सात सितंबर को वाराणसी के शीतलाघाट विस्फोट में
- 2010 में पुणे जर्मन बेकरी विस्फोट में
- 2010 में बंगलूरू में चिन्नास्वामी स्टेडियम के सामने हुए विस्फोट में
- 2011 में दिल्ली हाईकोर्ट के पास हुए विस्फोट में
- 2011 को मुंबई के ओपेरा हाउस, झावेरी बाजार आदि में हुए विस्फोटों में
- 2013 को हैदराबाद के दिलसुखनगर विस्फोट में
असदुल्ला उर्फ हड्डी की इन विस्फोटों में है तलाश
- 13 मई 2008 को जयपुर सीरियल विस्फोट में
- 26 जुलाई 2008 को अहमदाबाद विस्फोट में
- 13 सितंबर 2008 को दिल्ली में हुए विस्फोट में
- 13 जुलाई 2011 को दिल्ली विस्फोट में
- 13 सितंबर 2011 को मुंबई विस्फोट में
51 लाख का इनाम है यासीन पर
आईएम के शीर्ष कमांडर की गिरफ्तारी पर कुल 51 लाख रुपए का इनाम घोषित है। इसमें से दस लाख का इनाम राष्ट्रीय अन्वेषण टीम (एनआईए) ने घोषित किया है, जबकि विभिन्न प्रांतों में हुए विस्फोटों में उसके ऊपर अलग-अलग इनाम घोषित हैं।
...और 21 लाख का इनाम असद पर
आईएम आतंकी असदुल्ला की गिरफ्तारी पर कुल 21 लाख का इनाम है। इसमें दस लाख रुपए का इनाम तो एनआईए ने घोषित किया हुआ है। महाराष्ट्र एटीएस ने उसकी गिरफ्तारी पर दस लाख तथा दिल्ली क्राइम ब्रांच ने एक लाख का इनाम घोषित किया हुआ है।
आईएम को आतंकी संगठन घोषित कर चुकी है सरकार
इंडियन मुजाहिदीन को केंद्र सरकार आतंकी संगठन घोषित कर चुकी है। सरकार ने यह घोषणा प्रिवेंशन ऑफ अनलॉफुल एक्टीविटीज एक्ट के तहत की थी।
वारदात की आशंका, जांच एजेंसियां सतर्क
अब्दुल करीम टुंडा के बाद यासीन भटकल और असदुल्ला की गिरफ्तारी से इंडियन मुजाहिदीन भले ही कमजोर हो गया है, लेकिन खुफिया एजेंसियों को अंदेशा है कि संगठन द्वारा अपने वजूद को बनाए रखने के लिए जवाब में कुछ वारदात की जा सकती हैं।
माना जा रहा है कि संगठन के हार्डकोर मेंबर ऐसी वारदात कर सकते हैं। इसे लेकर जांच एजेंसियां सतर्क हैं। यासीन से इस बाबत भी पूछताछ की जाएग़ी कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कौन-कौन आईएम को संचालित कर सकता है।