यूपी एटीएस और पुलिस ने रविवार तड़के मुजफ्फरनगर के गांव कुटेसरा से बांग्लादेशी आतंकवादी अब्दुल्ला अल मॉमून सहित छह संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन संदिग्ध देवबंद और दो शामली से पकड़े गए हैं। गिरफ्तार आतंकी अब्दुल्ला बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी ग्रुप अंसार उल बांग्ला टीम का सक्रिय सदस्य है और इसके पास से फर्जी फर्जी आधार कार्ड और पासपोर्ट, निर्वाचन अधिकारी, ग्राम प्रधान और ग्राम पंचायत अधिकारी की फर्जी मुहरें और 13 फर्जी आईडी बरामद हुई हैं।
एटीएस देवबंद में ठिकाना बनाए फैजान नाम के एक और संदिग्ध की तलाश में दबिश दे रही है। वह अब्दुल्ला के साथ मिलकर फर्जी आईडी तैयार करने और आतंकियों खासकर बांग्लादेशियों को भारत में सुरक्षित ठिकाना दिलाने में सहयोग करता रहा है।
एटीएस के एडिशनल एसपी बृजेश श्रीवास्तव बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स और एटीएस ( एंटी टैरेरिस्ट स्क्वाड) टीम के साथ रविवार सुबह करीब पांच बजे कुटेसरा पहुंचे और गांव में स्थित हुसैनिया मस्जिद को घेर लिया। यहां से मस्जिद के इमाम बांग्लादेश निवासी अब्दुल्ला अल मॉमून गिरफ्तार कर लिया। टीम ने उसके कमरे की तलाशी लेकर वहां से फर्जी आईडी, दस्तावेज, पासपोर्ट और मोहरें बरामद की। एटीएस मात्र दस मिनट में पूरी कार्रवाई को अंजाम देकर इमाम को साथ लेकर चली गई।
कई दिनों से एटीएस की टीम देवबंद में डेरा डाले हुए थी। शनिवार रात टीम ने देवबंद के एक छात्रावास में छापा मारा और वहां से तीन संदिग्ध लोगों को पकड़ लिया। इन संदिग्धों में दानिश और अब्दुल वासित जम्मू कश्मीर के कुपवाड़ा जिला के रहने वाले हैं और अब्दुल रहमान भागलपुर, बिहार का रहने वाला है। इन तीनों के पास से बांग्लादेशी भाषा के साहित्य बरामद हुए हैं। इन तीनों का संबंध बांग्लादेश के प्रतिबंधित आतंकी संगठन से होने की आशंका जताई जा रही है।