इससे पहले शनिवार को शुभांशु शुक्ला ने इंस्टाग्राम पर हवाई जहाज में बैठे हुए अपनी एक मुस्कुराती हुई तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें उन्होंने लिखा था कि अमेरिका छोड़ते समय उनके मन में मिलीजुली भावनाएं थीं। वे अपना अनुभव देशवासियों के साथ साझा करने के लिए भारत लौटने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
उन्होंने लिखा, 'भारत वापस आने के लिए विमान में बैठते ही मेरे मन में मिलीजुली भावनाएं उमड़ रही थीं। मुझे उन शानदार लोगों को पीछे छोड़कर जाने का दुख हो रहा है, जो इस मिशन के दौरान पिछले एक साल से मेरे दोस्त और परिवार थे। मैं मिशन के बाद पहली बार अपने सभी दोस्तों, परिवार और देश के सभी लोगों से मिलने के लिए भी उत्साहित हूं।'
एक्सिओम-4 मिशन में अहम रही शुभांशु शुक्ला की भूमिका।
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पिता शंभु दयाल शुक्ला ने समाचार एजेंसी से बात करते हुए कहा कि मुझे बहुत खुशी है कि बेटा अपने मिशन में सफल होकर भारत लौट रहा है। हमारी इच्छा उससे जल्द से जल्द मिलने की है, इसलिए हम लोग दिल्ली जा रहे हैं। हमारे जीवन का यह यादगार पल है कि हमारा बेटा अपने मिशन में कामयाब होकर देश लौट रहा है।उन्होंने आगे कहा कि गगनयान के लिए पीएम मोदी की ओर से शुभांशु शुक्ला को पहले ही संकेत दिया जा चुका है। गगनयान का मिशन चल रहा है और 2027 में जाने का उनका विचार है। इस मिशन से वे पहले से जुड़े हुए थे लेकिन अब वे इसे लीड करेंगे। वे अब इसकी तैयारी में लगेंगे और 2027 में मिशन को लेकर जाएंगे।
शुभांशू शुक्ला की माता आशा शुक्ला ने कहा कि हम बीते एक महीने से इंतजार कर रहे थे कि कब वे भारत वापस लौटेंगे; अब जब वो आ रहे हैं तो हमें काफी खुशी हो रही है। वे कहां रहेंगे ये तो इसरो ही बता सकता है। हमें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। मेरे बेटे को पहले ही गगनयान मिशन के लिए चुना गया था,