मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए प्रदेश में अर्ली वार्निंग सिस्टम लगाए गए हैं। इसके लिए भारत सरकार सहयोग कर रही है, लेकिन हम स्वंय के सेटेलाइट, रिमोट सेंसिंग स्टेशन के माध्यम से आपदाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने के लिए प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि आपदाएं नियंत्रित नहीं हो सकती हैं, यह कहकर हम अपने जिम्मेदारियों से भाग नहीं सकते हैं। इन चुनौतियों का सामना टेक्नोलॉजी से किया जा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इसरो के अध्यक्ष वी. नारायणन से अंतरिक्ष यात्रा को लेकर बातचीत हुई है, जिसमें ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की यात्रा, अंतरिक्ष मिशन और भविष्य में होने वाली प्रयोगों पर चर्चा हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्टेम (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथमेटिक्स) शिक्षा के महत्व पर बल दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शुभांशु शुक्ला के पिता प्रदेश सरकार के सचिवालय प्रशासन में अधिकारी थे। उनके इस गौरवपूर्ण मार्ग पर चलते हुए आज उनके पुत्र ने न केवल उत्तर प्रदेश को बल्कि समूचे देश को गौरान्वित किया है।
कार्यक्रम में उप मुख्मयंत्री बृजेश पाठक ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला की माता आशा शुक्ला, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने पिता शंभु दयाल शुक्ला और मेयर सुषमा खर्कवाल ने ग्रुप कैप्टन की पत्नी कामना शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया।