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यूपी विधानसभा: महंगाई के मुद्दे पर हंगामा, माता प्रसाद बोले- ब्योरा दे सरकार; सपा का सदन से बहिर्गमन

Fri, 20 Feb 2026 07:50 PM IST
आकाश द्विवेदी अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन महंगाई और आउटसोर्सिंग मुद्दे पर हंगामा हुआ। नेता प्रतिपक्ष Mata Prasad Pandey ने सरकार से ब्योरा मांगा, जबकि सपा ने बहिर्गमन किया। मंत्री अनिल राजभर ने श्रमिकों व रोजगार योजनाओं पर सरकार का पक्ष रखा। विपक्ष ने बजट पर तीखे सवाल उठाए।
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यूपी विधानसभा - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
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विधानमंडल के बजट सत्र के आखिरी दिन समाजवादी पार्टी ने आउटसोर्सिंग के मुद्दे पर विधानसभा से बहिर्गमन किया। सपा सदस्य मंत्री द्वारा आउटसोर्सिंग कारपोरेशन के गठन के बाद बोर्ड की बैठक की जानकारी की रूपरेखा नहीं बताने से नाराज होकर सदन से बाहर चले गए। 

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कांग्रेस दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कौशल विकास की योजनाओं और रोजगार मेलों के बावजूद बड़ी संख्या में युवाओं को स्थायी एवं सम्मानजनक रोजगार नहीं मिलने के बारे में सवाल किया था। युद्धग्रस्त इजराइल में श्रमिकों को भेजने पर आपत्ति की। 

श्रम एवं सेवायोजन मंत्री अनिल राजभर ने जवाब में कहा कि इजराइल हमारा मित्र देश है। वहां गए किसी ने भी श्रमिक ने शिकायत नहीं की है। साल भर में एक हजार करोड़ रुपये कमाकर परिजनों को भेजे हैं। जल्द एक हजार और श्रमिक इजराइल भेजे जाएंगे। इसके अलावा जापान, क्रोएशिया और जर्मनी भी भेजा जाएगा।   
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हालांकि श्रमिकों को दूर न जाना पड़े, इसके लिए सरकार एक्सप्रेसवे के किनारे इंडस्ट्रियल क्लस्टर विकसित कर रही है। हमने आउटसोर्सिंग कारपोरेशन गठित किया है, जिसकी बोर्ड की पहली बैठक हो चुकी है। इस पर सपा सदस्य बैठक की रूपरेखा बताने की मांग करने लगे, जिसे मंत्री ने बाद में सदस्यों को भेजने की बात कही। हालांकि सपा सदस्य जवाब से संतुष्ट नहीं हुए और नारेबाजी करते हुए सदन से बहिर्गमन कर दिया।

कंपनी बदलेगी, कर्मचारी नहीं

इससे पहले सपा सदस्य रागिनी सोनकर द्वारा संविदा कर्मचारियों को न्यूनतम मानदेय के बारे में पूछे गए सवाल के जवाब में मंत्री अनिल राजभर ने कहा कि संविदा कर्मचारियों की नियुक्ति के लिए जेम पोर्टल पर जारी टेंडर में सेवा शर्तों आदि का जिक्र होता है। 

सरकार ने यह भी तय किया है कि कंपनी बदलने पर कर्मचारियों को नहीं बदला जाएगा। हम कर्मचारियों का अहित नहीं होने देंगे। वहीं सपा के डॉ. ह्दय नारायण पटेल के सवाल के जवाब में कहा कि सरकार का संकल्प हर हाथ को काम देना है। सपा सरकार में 1.39 लाख सरकारी नौकरी दी गई थीं, हमने 8.45 लाख लोगों को दी है। जल्द दूसरे राज्यों के लोग यूपी में नौकरी करने आएंगे।

भत्ता नहीं, धोखा दिया

सपा सदस्य संदीप सिंह के बेरोजगारी भत्ता देने के सवाल के जवाब में श्रम मंत्री ने कहा कि सरकार स्वरोजगार को भी बढ़ावा दे रही है। मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना का पूरे देश में डंका बज रहा है। सपा सरकार ने वर्ष 2006 में कई नियम बनाकर एक साल के लिए बेरोजगारी भत्ता दिया था। इसी तरह 2012 में भी एक साल देने के बाद बंद कर युवाओं को धोखा दिया। हम युवाओं को आत्मनिर्भर बना रहे हैं।

जौनपुर के सबसे ज्यादा श्रमिक बाहर

श्रम मंत्री ने सदन को बताया कि जौनपुर के सबसे ज्यादा श्रमिक दूसरे राज्यों में काम करने जाते हैं। दूसरे स्थान पर आजमगढ़, तीसरे पर गोरखपुर और चौथे पर देवरिया है। वहीं हापुड़ से सबसे कम लोग बाहर जाते हैं। यूपी के कामगारों की सबसे ज्यादा डिमांड रहती है। जिन राज्यों ने स्थानीय निवासियों को प्राथमिकता देने का नियम बनाया, वहां उद्योग बंद होने लगे।

एक आईपीएस के अलावा सबने दिया संपत्तियों का ब्योरा

संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने सदन को बताया कि वर्ष 2019 से निलंबित चल रहे आईपीएस (जसवीर सिंह) को छोड़कर प्रत्येक राज्य कर्मचारी ने अपनी चल-अचल संपत्तियों का ब्योरा दे दिया है। वह सपा सदस्य रविदास मेहरोत्रा के सवाल का जवाब दे रहे थे। उन्होंने बताया कि पहले ब्योरा नहीं देने वालों की सैलरी को रोका गया था।

कोरम नहीं हुआ पूरा

विधानसभा में दोपहर करीब एक बजे सत्ता पक्ष और विपक्ष के सदस्यों के बाहर जाने से कोरम भी पूरा नहीं हो सका। दरअसल, सदन में कुल सदस्यों में से 15 फीसद की उपस्थिति अनिवार्य होती है। दोपहर में विधानसभा अध्यक्ष के उठने के बाद सदस्य धीरे-धीरे जाने लगे। भाजपा और सहयोगी दलों के 25 और सपा के दो सदस्य ही रह गए।

नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय। - फोटो : amar ujala

माता प्रसाद बोले- लोकायुक्त जांच में दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई का ब्योरा दे सरकार 

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने लोकायुक्त की रिपोर्ट सदन के पटल पर नहीं रखने को लेकर सवाल उठाते हुए चर्चा कराने की मांग की। उन्होंने जांच में दोषी पाए गए अधिकारियों पर हुई कार्रवाई का ब्योरा भी मांगा।  संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने इसके जवाब में कहा कि लोकायुक्त की जांच का प्रतिवेदन सदन के पटल पर रखा जाना चाहिए। बीते वर्ष सदन में वर्ष 2022 और 2023 का प्रतिवेदन रखा गया था। वर्ष 2024 का प्रतिवेदन पटल पर रखने की प्रक्रिया जारी है। हम किसी रिपोर्ट को छिपाना नहीं चाहते हैं। सरकार भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने की नीति पर काम कर रही है।

सदन में महंगाई के मुद्दे पर हंगामा

सपा सदस्यों ने सदन में महंगाई के मुद्दे पर हंगामा किया। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि सरकार ने जीएसटी को कम किया, जिसका सभी दलों ने समर्थन किया। खाने-पीने की वस्तुओं पर अब महज 5 फीसद टैक्स है। डीजल-पेट्रोल के दाम 24 राज्यों के मुकाबले यूपी में कम है। 

इस पर नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि गांव में जाकर बोलिए कि महंगाई कम हो गई है तो जनता आपको बताएगी। कृषि मंत्री ने इसके बाद सपा सदस्य कमाल अख्तर द्वारा बृहस्पतिवार को सदन में सनातन धर्म के केवल 5000 वर्ष पुराना होने के बयान को लेकर कहा कि जब से प्रकृति बनी, सनातन धर्म है। यह सदन के रिकॉर्ड में दर्ज होगा तो आगे तक रहेगा। इस पर सपा सदस्य सवाल का जवाब देने के बजाय विषयांतर करने पर हंगामा करने लगे।

अक्षय तृतीया पर अवकाश की मांग

सपा सदस्य कमाल अख्तर ने सदन में भगवान परशुराम के जन्मोत्सव (अक्षय तृतीया) पर अवकाश देने की मांग रखी। उन्होंने सपा सरकार ने अक्षय तृतीया पर अवकाश होने और भाजपा सरकार में खत्म कर देने की बात कही। हालांकि विधानसभा अध्यक्ष से इस पर सरकार से जवाब दिलवाने से मना कर दिया। वहीं नेता प्रतिपक्ष ने तंज कसा कि अभी तक आप लोग शंकराचार्य से जूझ रहे थे, अब परशुराम पर आ गए।

बसों में भगवा के साथ तिरंगा

सपा सदस्य समरपाल सिंह ने परिवहन निगम की डीजल बसों से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाया। साथ ही भगवा रंग की बसों में तिरंगे का रंग भी होने की मांग की। इस पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि आजादी के अमृत महोत्सव के दौरान बसों में तिरंगा भी लगाया गया है। अब बीएस-6 डीजल बसें आ रही हैं, जिनसे प्रदूषण नहीं होता है। हम इलेक्टि्क बसों की खरीद भी कर रहे हैं। वर्तमान में यूपी के पास सबसे नई बसों का बेड़ा है। कोई सदस्य मांग करेगा तो उसके क्षेत्र के लिए भी बसें मुहैया करा देंगे।

एके शर्मा बोले- सहायता प्राप्त विद्यालयों की बिजली सस्ती लेकिन मुफ्त नहीं दे सकते 

सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों को मुफ्त विद्युत आपूर्ति से जुड़ी चर्चा का जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा विद्युत आपूर्ति एक सेवा है और उसका शुल्क अपेक्षित है क्योंकि इसपर खर्च बहुत आता है। अगर इसे मुफ्त कर देंगे तो आखिर में इसका बोझ आम जनता पर ही आएगा।

शुक्रवार को सदस्य ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने नियम 105 के अंतर्गत सूचना के तहत कहा कि सहायता प्राप्त माध्यमिक, महाविद्यालय, संस्कृत, अरबी मदरसा विद्यालय राज्य अनुदानित विद्यालय हैं। इनमें लगे विद्युत कनेक्शनों को व्यवसायिक कनेक्शन के रूप में विद्युत विभाग द्वारा भारी धन उगाही की जा रही है। जबकि इन विद्यालयों में गर्मी में पंखे और बल्ब का उपयोग किया जाता है। उन्होंने कहा कि राजकीय, प्राथमिक, माध्यमिक विद्यालयों में सरकार मुफ्त बिजली देती है।

जवाब देते हुए ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कहा कि किसी भी विद्यालय को मुफ्त बिजली की व्यवस्था नहीं है। उन्होंने धन उगाही शब्द पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ये सेवा के एवज में शुल्क है। उन्होंने बताया कि ऊर्जा विभाग 1.22 लाख करोड़ के घाटे में था। उसे 1.19 लाख करोड़ पर ला सके हैं। घाटे में चल रहे विभाग से मुफ्त बिजली की मांग न्यायोचित नहीं है क्योंकि उसका भार आम आदमी पर ही आएगा। 

उन्होंने कहा कि सरकारी संस्थाओं से भी बिजली शुल्क लिया जाता है। संस्थाओं का शुल्क व्यवसायिक से ज्यादा नहीं है। उनमें न्यूनतम शुल्क की व्यवस्था नहीं है। सलाह दी कि शिक्षण संस्थाएं सौर ऊर्जा की तरफ बढ़ें। छत का इस्तेमाल कर बिजली पैदा करें। सरकार 8 रुपये यूनिट में खरीदेगी। उन्होंने कहा कि सस्ती बिजली चाहिए तो शिक्षण संस्थान नियामक आयोग जाएं, वहां कुछ राहत मिल सकती है।

शिवपाल सिंह बोले- यह बजट ऊंची दुकान, फीकी पकवान जैसा

सपा विधायक शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि बड़े चाव से विकास की कागजी कोठी को देख रहा था। सुनकर ऐसा लगा जैसे उत्तर प्रदेश में दूध की नदियां बहने लगी है। गरीबी तो अपना बोरिया बिस्तर बांध कर मंगल ग्रह पर चली गई है, लेकिन हकीकत में यह बजट ऊंची दुकान फीका पकवान है।

उन्होंने कहा कि सरकार कहती है बेरोजगारी घट गई है, लेकिन करोड़ों युवा हाथ में डिग्री लेकर लाठियां खा रहे हैं। 50 करोड़ के एमओयू हुए, लेकिन हकीकत में युवाओं को कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि मुफ्त बिजली का वादा किया, लेकिन किसान के खेत में साड़ दिख रहे हैं। अन्नदाता रातभर जग रहा है। व्यक्ति व्यक्ति आय 1.20 लाख का दावा सिर्फ कागजी है। 

जिसके पास मोबाइल रिचार्ज के रुपये नहीं है, उन्हें डाटा सेंटर कैसे अच्छा लगेगा? पुराने अस्पतालों के क्या हाल है, य ह किसी से छुपा नहीं है। उन्होंने कहा कि प्राइमरी स्कूल की छत टपक रही है। यह बजट सरकार का आखिरी है। वर्ष 2027 में साइकिल की रफ्तार बढ़ेगी। भाजपा का झूठ सब जान चुके हैं। उन्होंने शेर पढ़ा- यही जुनून यही ख्वाब मेरा है। दिया जलाकर रोशनी कर दूं जहां अंधेरा है। चिराग जलाए थे तुमने बहुत मगर सिर्फ अपनी तस्वीर के लिए...।



 

जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के विधायक रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया। - फोटो : यूपी विधानसभा के यूट्यूब चैनल से

राजा भैया बोले-बजट बड़ा है, खर्च करना भी सुनिश्चित करें

विधानसभा में बजट पर धन्यवास प्रस्ताव पर चर्चा करते हुए जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के विधायक दल के नेता रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया ने कहा कि ऐतिहासिक और बड़ा बजट पेश किया गया है। उत्तर प्रदेश का सबसे बड़ा बजट है। सरकार के पास नजरिया है, लेकिन यह राशि जनहित में खर्च हो यह सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने कहा कि बिजली विभाग में विजिलेंस की टीम से जनता परेशान हैं। इन टीम के पीछे भी एक विजिलेंस लगाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि जल जीवन मिशन से अधूरे काम को पूरा किया जाए। टूटी सड़कों को सुधरवाया जाए। विधायक निधि से असहाय लोगों के उपचार के नियमों का सरलीकरण किया जाए। आयुष्मान योजना के नियमों को भी सरल किया जाए। उन्होंने कहा कि जनता विधायकों से हैंडपंप मांगती है। 

ऐसे में जब तक हर घर में नल न पहुंच जाए तब तक के लिए गर्मी को देखते हुए हैंडपंप आवंटन की व्यवस्था चालू रखी जाए। उन्होंने कहा कि मदरसा के लिए बजट का प्रावधान है। संस्कृत भाषा के विकास के लिए भी कार्य करने की जरूरत है। 

बजट में संस्कृत भाषा के प्रोत्साहन के लिए बजट न होना खल रहा है। राजा भैया ने कहा कि मुख्यमंत्री के पास जाते हैं तो वह वित्त मंत्री के पास भेजते हैं। लेकिन वित्त मंत्री खन्ना नौवीं बार बजट पेश कर रहे हैं। अब उम्मीद है कि वह हम सदस्यों के कार्यों को ज्यादा गंभीरता से लेंगे। हमें मुख्यमंत्री के पास जाने की जरूरत नहीं होगी। इनके स्तर से ही समाधान हो जाएगा।


 

केशव मौर्य बोले- यह हमारा 10वां बजट, अभी 20 और पेश करेंगे

विधान परिषद में नेता सदन केशव प्रसाद मौर्य ने प्रदेश सरकार द्वारा पेश बजट को प्रदेश की 25 करोड़ जनता की खुशहाली का बजट बताया। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि यह हमारा 10वां बजट है। अभी 20 और पेश करेंगे। क्योंकि विकसित भारत और विकसित यूपी बनने तक विपक्ष नहीं आने वाला है। कमल से ही लक्ष्मी आएगी। बजट में भारी-भरकम लक्ष्मी आई है।

केशव मौर्य ने कहा कि यह प्रदेश का बजट नहीं, बदलाव की हुंकार है। हर गांव-शहर के विकास को पूरा करने वाला बजट है। सपा-कांग्रेस सरकार भ्रष्टाचार का पर्याय थी, सीएम-पीएम ने इसे समाप्त किया है। हम स्मार्ट सिटी के साथ स्मार्ट विलेज भी बनाएंगे। उन्होंने कहा कि 12 लाख करोड़ खर्च करने के बाद भी मनरेगा में कोई बदलाव नहीं आया था। पीएम ने जी राम जी लागू करके इसमें बदलाव किया।

नेता सदन ने कहा कि सपा ने हमें खाली खजाना, जर्जर सड़कें, ध्वस्त कानून व्यवस्था दी थी। हम आज हर क्षेत्र में अग्रणी बन रहे हैं। उन्होंने विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आज यूपी हर क्षेत्र में नंबर वन है। उन्होंने कहा कि सपा अपने कार्यकर्ताओं व वोटरों को समाजवादी पेंशन देती थी। हमने दिव्यांग, वृद्धा अवस्था, विधवा पेंशन बढ़ाया। आज शिक्षामित्रों-अनुदेशकों का मानदेय भी बढ़ाने की घोषणा की गई है।

उन्होंने कहा कि डबल इंजन सरकार में यूपी तेजी से आगे बढ़ रहा है। बजट गरीब को अमीर बनाने, किसानों को समृद्धि देने, युवाओं को रोजगार देने वाला है। बजट पर मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, भाजपा के मानवेंद्र सिंह, सुरेंद्र चौधरी, हंसराज विश्वकर्मा, सुधीर गुप्ता, अवनीश सिंह, अशोक अग्रवाल, देवेंद्र प्रताप सिंह, अनूप गुप्ता, रमा निरंजन, महेंद्र सिंह, कुंवर महराज, उमेश द्विवेदी आदि ने अपनी बात रखी।

सपा ने किया आंबेडकर, बहुजन महापुरुषों का अपमान

परिषद में भाजपा के डॉ. लालजी निर्मल ने सपा पर बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर व बहुजन समाज के महापुरुषों के अपमान का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी ने लंदन में डॉ. आंबेडकर से जुड़े आवास को 40 करोड़ में खरीदकर स्मारक बनवाया। तब सपा, कांग्रेस, बसपा के लोग आगे नहीं आए थे।

पश्चिमी यूपी में स्थापित हो हाईकोर्ट बेंच

विधान परिषद में सपा के शाहनवाज खान ने पश्चिमी यूपी में हाईकोर्ट की एक बेंच स्थापित करने की मांग की। साथ ही इसके लिए राज्य सरकार को केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजने के लिए कहा। उन्होंने अनाधिकृत कॉलोनियों में बिजली-खंभे लगवाने को कहा। क्योंकि यहां के लोग कनेक्शन लेकर लाइट जला रहे हैं। इस सरकार में बिजली, कृषि विकास व बेरोजगारों की उपेक्षा की गई है।

वहीं सपा के आशुतोष सिन्हा ने कहा कि यह युवा, किसान व जनकल्याण विरोधी बजट है। पूरा प्रदेश ठगा महसूस कर रहा है। कई विभाग पैसा ही नहीं खर्च कर पाए हैं। शिक्षकों-कर्मचारियों को पुरानी पेंशन दी जाए। बजट में एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट की चर्चा तक नहीं की गई। बजट बहुत बड़ा है लेकिन जनता को कुछ नहीं मिल रहा है। आरटीई में विद्यालयों को पैसा नहीं मिल रहा है। केंद्र-राज्य सरकार के इंजन आपस में टकरा रहे हैं।

सचिवालय अधिकारियों-कर्मचारियों को अतिरिक्त मानदेय

विधान परिषद में नेता सदन केशव मौर्य ने सभी को होली की बधाई देते हुए कहा कि सत्र में लगे सचिवालय अधिकारियों-कर्मचारियों को एक महीने का 1000 रुपये अतिरिक्त मानदेय देते हुए 17500 दिया जाएगा। वहीं विधानसभा में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सुरक्षाकर्मियों को 16500 से 17500, चतुर्थ श्रेणी को 125 की जगह 250 एक महीने का अतिरिक्त मानदेय दिया जाएगा।

राजभर बोले-आधुनिक मदरसा शिक्षकों को मानदेय के लिए केंद्र से नहीं आया जवाब 

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने कहा कि आधुनिक मदरसा शिक्षकों की योजना केंद्र के सहयोग से चल रही थी, जिसे केंद्र ने वर्ष 2022-23 में बंद कर दिया है। इन शिक्षकों के मानदेय के लिए केंद्रांश देने के लिए दो बार केंद्र सरकार को पत्र भेजा गया, पर वहां से कोई जवाब नहीं आया।

यह मामला सपा के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने उठाया था। उन्होंने कहा कि मदरसों की जांच कराई जा रही है। इस पर मंत्री राजभर ने कहा कि मदरसों में विदेशियों को ठहराने और नोट छापने वालों की क्या जांच नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि अनुदानित मदरसों में सपा सरकार में प्रबंधकों के रिश्तेदारों को भर लिया गया। इस भ्रष्टाचार को रोकने के लिए आयोग के माध्यम से भर्ती किया जाना अनिवार्य किया गया है।

सभापति बोले- मुख्य सचिव का आदेश नहीं मान रहे डीएम

विधान परिषद में शुक्रवार को विरासत वाले शस्त्र लाइसेंस की मंजूरी में देरी का मुद्दा जोर-शोर से उठा। भाजपा के ही सदस्य देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रश्न प्रहर में यह मुद्दा उठाया। साथ ही कहा कि इस संबंध में शासनादेश का पालन नहीं किया जा रहा है। इस पर सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने व्यवस्था देते हुए कहा कि मुख्य सचिव का आदेश भी डीएम नहीं मान रहे हैं, नेता सदन (केशव प्रसाद मौर्य) इन्हें आप ही ठीक कर सकते हैं। साथ ही यह भी निर्देश दिए कि विरासत के लाइसेंस के मामले में 15 दिन के भीतर डीएम उचित निर्णय लें।

देवेंद्र प्रताप सिंह ने प्रश्न प्रहर में यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि चित्रकूट मंडल में लंबे समय से लाइसेंस की मंजूरी अटकी हुई थी। जब प्रश्न लगाया गया तो मंजूरी दी गई। सपा के सदस्य मो. जासमीर अंसारी ने कहा कि यह लाइसेंस भी दो-दो साल तक लटके रहते हैं। 

नेता सदन और डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि सभी 75 जिलों में इस तरह के लाइसेंस का समयबद्ध निस्तारण होना चाहिए। विरासत के मामलों से शस्त्र लाइसेंस की संख्या नहीं बढ़ती है, इसलिए इन्हें देने में कोई दिक्कत भी नहीं है। सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने कहा कि चित्रकूट के मामलों में विलंब पर संबंधित अधिकारियों का स्पष्टीकरण लिया जाना चाहिए।
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तथ्यों से परे रिपोर्ट देने वाले मिर्जापुर के डीआईओएस पर होगी कार्रवाई

विधान परिषद के सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह ने भ्रष्टाचार के मामले में तथ्यों से परे रिपोर्ट देने वाले मिर्जापुर के डीआईओएस के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री गुलाब देवी ने सदन में स्वीकार किया कि डीआईओएस ने तथ्यों से परे रिपोर्ट दी। उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया है, जिसके बाद कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

यह मामला भाजपा के ही देवेंद्र प्रताप सिंह ने उठाया था। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षा विभाग आकंठ भ्रष्टाचार में डूबा है। डीआईओएस बिना रिश्वत लिए कोई काम नहीं करते हैं। अब वे मुख्य सचिव और अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक शिक्षा से भिक्षा मांगकर रिश्वत का इंतजाम करेंगे। पीठ ने मामले की जांच शासन के अधिकारी से कराने के निर्देश दिए। माध्यमिक शिक्षा मंत्री ने कहा कि अति शीघ्र कार्रवाई पूरी की जाएगी।
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