विधानमंडल के बृहस्पतिवार से शुरू हो रहे मानसून सत्र में विपक्ष के तेवर आक्रामक रहेंगे। समाजवादी पार्टी कानून-व्यवस्था की बदहाली, जहरीली शराब से मौतों, भीड़ हिंसा, किसानों के मुद्दों के साथ ही आजम खां के उत्पीड़न जैसे मुद्दों को जोर-शोर से उठाएगी।
सपा विधानमंडल की बुधवार को हुई बैठक में दोनों सदनों में पार्टी की रणनीति पर चर्चा की गई। प्रदेश कार्यालय में हुई बैठक में सोनभद्र नरसंहार, संभल में दो सिपाहियों की हत्या कर पुलिस अभिरक्षा से अपराधियों के फरार हो जाने पर सरकार की घेराबंदी करने का फैसला हुआ। विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी ने कहा कि प्रदेश में जंगलराज के हालात हैं। अपराधी बेखौफ हैं। जनता में दहशत है। जहरीली शराब से लगातार मौतें हो रही हैं। निर्दोष लोग भीड़ हिंसा के शिकार हो रहे हैं। गन्ना किसानों का नौ हजार करोड़ रुपये से ज्यादा बकाया है। इन मुद्दों को सदन में उठाया जाएगा।
विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष अहमद हसन ने कहा कि आजम खां के खिलाफ फर्जी केस दर्ज कर उनका उत्पीड़न किया जा रहा है। सपा समर्थकों की लगातार हत्याएं हो रही हैं। अल्पसंख्यकों में दहशत का माहौल बनाया जा रहा है। इन सभी मुद्दों पर सदन में सरकार को घेरा जाएगा। सपा के प्रदेश अध्यक्ष नरेश उत्तम पटेल ने कहा कि सरकार बदले की भावना से कार्रवाई कर रही है।
सपा विधायक और एमएलसी सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले सोनभद्र व संभल की घटनाओं को लेकर विधानमंडल परिसर स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने विरोध-प्रदर्शन करेंगे।
कानून-व्यवस्था व बाढ़ पीड़ितों की बदहाली का मुद्दा उठाएंगे : लालजी
बसपा विधानमंडल दल की बैठक में कानून-व्यवस्था और बाढ़ पीड़ितों की बदहाली समेत जनता से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता से उठाएगी। यह निर्णय बुधवार को लालजी वर्मा की अध्यक्षता में बसपा विधानमंडल दल की बैठक में लिया गया। वर्मा ने कहा कि कानून-व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है। जहरीली शराब से लगातार मौतें रही हैं। बाढ़ पीड़ितों को सरकार ने उनके हाल पर छोड़ दिया है। किसानों को बकाया गन्ना मूल्य नहीं मिला। इन सभी मुद्दों को बसपा सदन में उठाएगी। बैठक में विधान परिषद में नेता दिनेश चंद्रा और उपनेता उमाशंकर सिंह भी मौजूद रहे। बसपा विधानमंडल की बैठक बृहस्पतिवार को भी होगी।