विधानसभा के सदस्य अब सदन में अवधी, ब्रज, भोजपुरी, बुंदेली और अंग्रेजी में अपनी बात रख सकेंगे। विधानसभा की प्रक्रिया एवं कार्य संचालन नियमावली 2023 के नियम 282 में संशोधन का प्रस्ताव भाजपा सदस्य श्रीकांत शर्मा ने सदन में रखा। उन्होंने ब्रज भाषा में अध्यक्ष से कहा कि तुमको लाड़ लगाने का मन कर रहा, ये काम सबसे अच्छे करो। मन अच्छा कर दे जो।
वहीं सपा सदस्य मनोज कुमार पांडेय ने अवधी और भाजपा सदस्य केतकी सिंह ने भोजपुरी में इस प्रस्ताव का समर्थन किया। हालांकि सदन को किसी ने भी बुंदेली भाषा में संबोधित नहीं किया। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि वह संशोधन के विरोध में नहीं हैं, लेकिन अंग्रेजी हमारी मातृभाषा, सांस्कृतिक भाषा और बोली नहीं है। इसकी जगह संस्कृत और उर्दू को जोड़ लीजिए।
हमने उर्दू के लिए बोला तो कठमुल्ला बोला गया। सीएम उर्दू से चिढ़ जाते हैं। इनका अपना एजेंडा है। इस पर संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि सर्वदलीय बैठक में भी नेता प्रतिपक्ष ने इसका विरोध किया था। हम हिंदी के पक्षधर हैं। नई शिक्षा नीति में भी हिंदी को विशेष महत्व दिया गया है। नई सुविधा का विरोध नहीं होना चाहिए। हम पहले नियम फिर परंपरा से चलते हैं। परंपरा ही बाद में नियमों में तब्दील हो जाती है। हम अंग्रेजी थोप नहीं रहे, केवल सुविधा दे रहे हैं।