प्रदेश में बीते नौ वर्ष के दौरान 12.10 लाख करोड़ रुपये का निवेश हुआ है। साथ ही 15 लाख से अधिक रोजगार सृजित हुए हैं। यूपी सरकार की औद्योगिक नीति और निवेश के प्रयासों की देश भर में प्रशंसा हो रही है। कई संस्थानों की रैंकिंग में यूपी अग्रणी स्थान पर है। वह बृहस्पतिवार को सपा सदस्य रागिनी सोनकर द्वारा बीते नौ वर्ष में प्रदेश में हुए निवेश और उससे सृजित रोजगारों के बारे में पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे।
सपा सदस्य द्वारा पूछे गए सवाल का जवाब पहले अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी दे रहे थे। हालांकि उनके द्वारा प्रश्न को दोहराने पर रागिनी समेत कई सपा सदस्य विरोध करने लगे। इस पर नंदी ने पलटवार करते हुए कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में गुंडाराज था। यूपी को बीमारू राज्य कहा जाता था। सपा सदस्य अगर धरातल पर रहते तो उन्हें धरातल की जानकारी होती। इनकी इंस्टाग्राम रील से शुरू होने वाली राजनीति फेसबुक तक पहुंच कर दम तोड़ देती है। सपा सरकार में निवेश वेंटीलेटर पर था।
इस पर सपा सदस्य हंगामा करने लगे तो संसदीय कार्य मंत्री ने जवाब दिया। उन्होंने कहा कि नौ वर्ष के दौरान चार भूमि पूजन समारोह के माध्यम से 12.10 लाख करोड़ रुपए की लागत से 16 हजार 478 औद्योगिक इकाइयां धरातल पर उतरी हैं। अब तक 6,352 इकाइयों द्वारा वाणिज्यिक उत्पादन शुरू कर दिया गया है। आजादी के बाद से वर्ष 2017 तक प्रदेश में 14,169 फैक्ट्रियां स्थापित थीं। जिनकी संख्या अब 27,351 हो गई है। एक अप्रैल 2017 से तीन फरवरी 2026 तक फैक्ट्री एक्ट मैनेजमेंट सिस्टम पर दर्ज आंकड़ों के अनुसार कुल 15.99 लाख कर्मकारों को रोजगार का अवसर प्राप्त हुआ। वहीं आरक्षण पर बोले कि निजी कंपनियां जाति नहीं, स्किल देखकर काम पर रखती हैं।