फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी विधानसभा: भावुक अब्बास अंसारी बोले- मुझे 30 सेकंड दे दीजिए, पता नहीं जिंदगी में फिर बोल पाऊंगा या नहीं

Thu, 12 Feb 2026 10:34 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Abbas Ansari statement: यूपी विधानसभा में उस समय भावुक माहौल बन गया जब  मऊ सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी ने कहा कि पता नहीं उन्हें आगे कभी सदन में बोलने का मौका मिलेगा कि नहीं।
 
विज्ञापन
विधानसभा में बोले अब्बास अंसारी। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

 विधानसभा में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के मऊ सदर सीट से विधायक अब्बास अंसारी ने कहा कि पता नहीं उन्हें आगे कभी सदन में बोलने का मौका मिलेगा कि नहीं। दरअसल, अब्बास अपने क्षेत्र में डॉक्टरों की कमी के बारे में बता रहे थे। उनका बोलने का समय पूरा होने पर अधिष्ठाता मनोज पांडेय ने रोका तो उन्होंने कहा कि मुझे केवल 30 सेकंड और दे दीजिए। मुझे चार साल में पहली बार बोलने का मौका मिला है। मेरी मजबूरी को समझिए। मेरा तो यह भी नहीं ठिकाना है कि कब तक बोलने का मौका मिलेगा, आप जानते हैं। इस पर अधिष्ठाता ने कहा कि आप आगे भी बोलेंगे। अब्बास ने कहा कि मेरे इलाके में डॉक्टर की कमी है और स्पेशिलिस्ट नहीं हैं।

विज्ञापन

विधान परिषद में शंकराचार्य पर सत्ता पक्ष व विपक्ष में आरोप-प्रत्यारोप

 विधान परिषद में सत्तापक्ष और विपक्ष ने बृहस्पतिवार को शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को लेकर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप लगाए। विपक्ष ने उनको प्रयागराज मेले में स्नान से रोकने और तहसीलदार स्तर के अधिकारी द्वारा सर्टिफिकेट मांगने का मुद्दा उठाया तो सत्तापक्ष ने पलटवार करते हुए कहा कि सपा सरकार में इन्हीं शंकराचार्य पर लाठीचार्ज हुआ था।

भोजनावकाश के बाद परिषद में राज्यपाल के अभिभाषण पर धन्यवाद पर चर्चा में सपा के मुकुल यादव ने यह मुद्दा उठाते हुए कहा कि शंकराचार्य का सम्मान पूरे देश में है। वहीं प्रयागराज माघमेले में उनके साथ अभद्रता हुई। तहसीलदार स्तर के अधिकारी द्वारा उनसे शंकराचार्य होने का प्रमाणपत्र मांगना दुर्भाग्यपूर्ण है। वो नौ दिन धरने पर रहे और कोई अधिकारी या प्रतिनिधि उनसे मिलने नहीं गया। वे बिना स्नान किए वापस हो गए। उन्होंने शिक्षामित्रों के मानदेय बढ़ाने का भी मुद्दा उठाया।

वहीं भाजपा के ऋषिपाल सिंह ने कहा कि शंकराचार्य को स्नान से नहीं रोका गया। सब जानते हैं कि 2015 में सपा सरकार में इन्हीं शंकराचार्य पर लाठीचार्ज किया गया था। उन्होंने कहा कि जिस तरह विपक्ष मठ-मंदिर की चर्चा कर रहा है, उससे लगता है कि वो भी सनातनी हो रहा है। वहीं गोविंद नारायण शुक्ला ने कहा कि यह 25 करोड़ जनता की आकांक्षाओं का अभिभाषण है। यूपी ने बीते वर्षों में असंभव को संभव कर दिखाया है।

भाजपा की डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सुविधाएं बेहतर हुई है। सरकार विशेषज्ञ चिकित्सक तैयार करने का काम कर रही है। डॉ. हरि सिंह ढिल्लो ने कहा कि ओडीओपी, ओडीओसी, एक जिला एक खेल से न सिर्फ जिले आत्मनिर्भर हो रहे हैं बल्कि प्रतिभाओं को भी मंच मिल रहा है। भाजपा के ही हंसराज विश्वकर्मा, मोहित बेनीवाल, बाबू लाल तिवारी, डॉ. लाल जी प्रसाद निर्मल, राम तीर्थ सिंघल और सपा के मानसिंह यादव व आशुतोष सिन्हा, किरण पाल कश्यप ने भी अपनी बात रखी।
 
विज्ञापन

पीडीए को लेकर भी खूब चले तीर

परिषद में पीडीए को लेकर भी सत्ता पक्ष व विपक्ष में खूब तीर चले। मंत्री नरेन्द्र कुमार कश्यप पिछड़ों के लिए योजनाओं व बजट की चर्चा करते हुए कहा कि सरकार ही पिछड़ों की असली हमदर्द और हितैषी सरकार है। वहीं भाजपा के ही राम गोपाल ने सपा के पीडीए को परमानेंट डिवीजन एसोसिएशन बताते हुए कहा कि उनका पीडीए धोखा है। प्रदेश सरकार को उन्होंने असली पीडीए वाली बताया। वहीं सपा के मानसिंह यादव ने कहा कि सरकार खुद को पिछड़ों का हितैषी बताती है और 69000 शिक्षक भर्ती में आरक्षण में डकैती डाली है। नए शिक्षा सेवा चयन आयोग की अध्यक्ष एक साल में बिना कोई भर्ती किए इस्तीफा देकर चली गईं।

विपक्ष के एकत्र कचरे को साफ कर रहे हैं
परिषद में नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने 400 टन से प्रयागराज में तैयार शिवालिक पार्क की चर्चा करते हुए कहा कि विपक्ष के 70 साल के एकत्र कूड़े-कचरे को हम साफ कर रहे हैं। इसी तरह लखनऊ में घैला में जहां 7 टन कूड़े का पहाड़ था। वहां से उसे हटाकर राष्ट्र प्रेरणा स्थल बनाया गया है। लखनऊ, आगरा आदि शहर सफाई में देश भर में टॉप टेन में शामिल हुए हैं। चर्चा में आयुष मंत्री दयाशंकर मिश्र दयालु ने भी चर्चा में भाग लिया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें