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यूपी: असम के चुनावों का लखनऊ की सफाई पर पड़ा सीधा असर, हजारों की संख्या में सफाईकर्मी वोटिंग के लिए रवाना

Sat, 04 Apr 2026 08:48 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Lucknow cleanliness: लखनऊ में सफाई कर्मियों में ऐसी संख्या बहुत है जो मूल रूप से असम के हैं। वोटिंग की वजह से इसमें से बहुत सारे लोग अपने मूल राज्य में लौट गए हैं। 
 
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लखनऊ में जमा हुआ कूड़ा। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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इन दिनों शहर में बहुत सारे घरों-मोहल्लों से कूड़ा नहीं उठ रहा है। वजह ये है कि कूड़े का उठान करने वाली रामकी कंपनी (लखनऊ स्वच्छता अभियान) और लायंस एनवायरो के करीब 200 कर्मचारी असम विधानसभा चुनाव में वोट डालने के लिए परिवार के साथ घर लौट गए हैं।

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इससे उन इलाकों में भी कूड़ा उठान पर असर पड़ा है जहां पर असम मूल के करीब 200 लोग निजी तौर पर घर-घर से कूड़ा उठाने का काम करते हुए आजीविका चलाते हैं। असम विधानसभा चुनाव के लिए आठ अप्रैल को मतदान होना है। माना जा रहा है कि मतदान के बाद सभी कर्मचारियों को वापस लौटने में 12 अप्रैल तक का समय लग सकता है। तब तक 50 हजार घरों के लिए कूड़ा उठान की समस्या बनी रहेगी।

वैकल्पिक कर्मचारियों से भी राहत नहीं
शहर के 77 वार्डों में रामकी कंपनी कूड़ा एकत्र करने काम करती है। इस कंपनी के करीब 600 कर्मचारी घरों से कूड़ा कलेक्शन का काम करते हैं। इनमें से करीब 150 कर्मचारी चुनाव में वोट डालने के लिए असम अपने घर चले गए हैं। कंपनी ने वैकल्पिक कर्मचारी लगाए हैं मगर लोगों को राहत नहीं मिल पा रही है। वजह ये है कि वैकल्पिक कर्मचारियों को सभी घरों के बारे पूरी जानकारी नहीं है। ऐसे में बहुत से ऐसे घर, मोहल्ले और अपार्टमेंट हैं जहां कूड़ा कलेक्शन के लिए कर्मचारी के न पहुंचने की शिकायतें हैं।

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पूरा परिवार ही गया है घर

शहर के 33 वार्डों में लायंस एनवायरो कंपनी कूड़ा कलेक्शन का काम करती है। इस कंपनी के करीब 50 कर्मचारी असम अपने घर गए हैं। खास ये है कि कर्मचारी अकेले नहीं गए बल्कि पूरे परिवार को साथ लेकर गए हैं। इन कर्मचारियों के परिवार में अन्य सदस्य जैसे पत्नी, भाई आदि भी निजी तौर पर अलग-अलग इलाकों में घरों से कूड़ा उठाने का काम करते हैं। लायंस एनवायरो का भी दावा है कि उसने वैकल्पिक कर्मचारियों की तैनाती की है लेकिन यहां भी व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य नहीं है।

सड़कों पर भी दिखने लगे हैं कूड़े के ढेर
दोनों कंपनियों के कर्मचारियों और निजी कूड़ा एकत्र करने वालों को मिलाकर देखें तो शहर में करीब 50 हजार घरों से कूड़ा कलेक्शन प्रभावित है। इससे प्रभावित मोहल्लों और कॉलोनियों में भी सड़कों पर कूड़ा नजर आने लगा है।

पांच दिन से नहीं उठा घरों से कूड़ा

चौक के दिलाराम बारादरी मोहल्ले में रहने वाली पूनम ने बताया कि पांच दिन से कूड़ा लेने वाले नहीं आ रहे हैं। घरों में कूड़ा बढ़ता जा रहा है। बदबू फैल रही है। घर के आसपास कोई ऐसी जगह भी नहीं जा कूड़ा फेंका जा सके। इससे बहुत दिक्कत हो रही है। इसी इलाके में रहने वाली ममता ने बताया कि कई दिनों से कूड़ा लेने वाली गाड़ी नहीं आई है। घर में कूड़ा सड़कर बदबू दे रहा है। कोई सूचना भी नहीं है कि कब तक गाड़ी नहीं आएगी।

कंपनी का दावा...अलग से लगाए हैं कर्मचारी
रामकी कंपनी के परियोजना प्रमुख अभय रंजन का कहना है कि कुछ कर्मचारी बाराबंकी व आसपास से बुलाए गए हैं। वह नए हैं इससे कुछ जगह समस्या आ रही होगी मगर जहां से शिकायत आती है उसे तुरंत दूर कराया जाता है। लायंस एनवायरो के मुखिया रणधीर सिंह ने कहा कि वैकल्पिक कर्मचारी लगाए गए हैं। कहीं से समस्या की कोई शिकायत नहीं है।
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क्या कहते हैं जिम्मेदार

यदि कहीं पर कूड़ा कलेक्शन की समस्या आ रही है तो उसे दूर कराया जाएगा। कंपनियों को वैकल्पिक इंतजाम करना होगा। इस बारे में कंपनियों से भी बात की जाएगी कि अपने स्तर से निगरानी रखते हुए व्यवस्था में सुधार करें।-गौरव कुमार, नगर आयुक्त
 
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