शहर के 33 वार्डों में लायंस एनवायरो कंपनी कूड़ा कलेक्शन का काम करती है। इस कंपनी के करीब 50 कर्मचारी असम अपने घर गए हैं। खास ये है कि कर्मचारी अकेले नहीं गए बल्कि पूरे परिवार को साथ लेकर गए हैं। इन कर्मचारियों के परिवार में अन्य सदस्य जैसे पत्नी, भाई आदि भी निजी तौर पर अलग-अलग इलाकों में घरों से कूड़ा उठाने का काम करते हैं। लायंस एनवायरो का भी दावा है कि उसने वैकल्पिक कर्मचारियों की तैनाती की है लेकिन यहां भी व्यवस्था पूरी तरह से सामान्य नहीं है।
सड़कों पर भी दिखने लगे हैं कूड़े के ढेर
दोनों कंपनियों के कर्मचारियों और निजी कूड़ा एकत्र करने वालों को मिलाकर देखें तो शहर में करीब 50 हजार घरों से कूड़ा कलेक्शन प्रभावित है। इससे प्रभावित मोहल्लों और कॉलोनियों में भी सड़कों पर कूड़ा नजर आने लगा है।
चौक के दिलाराम बारादरी मोहल्ले में रहने वाली पूनम ने बताया कि पांच दिन से कूड़ा लेने वाले नहीं आ रहे हैं। घरों में कूड़ा बढ़ता जा रहा है। बदबू फैल रही है। घर के आसपास कोई ऐसी जगह भी नहीं जा कूड़ा फेंका जा सके। इससे बहुत दिक्कत हो रही है। इसी इलाके में रहने वाली ममता ने बताया कि कई दिनों से कूड़ा लेने वाली गाड़ी नहीं आई है। घर में कूड़ा सड़कर बदबू दे रहा है। कोई सूचना भी नहीं है कि कब तक गाड़ी नहीं आएगी।
कंपनी का दावा...अलग से लगाए हैं कर्मचारी
रामकी कंपनी के परियोजना प्रमुख अभय रंजन का कहना है कि कुछ कर्मचारी बाराबंकी व आसपास से बुलाए गए हैं। वह नए हैं इससे कुछ जगह समस्या आ रही होगी मगर जहां से शिकायत आती है उसे तुरंत दूर कराया जाता है। लायंस एनवायरो के मुखिया रणधीर सिंह ने कहा कि वैकल्पिक कर्मचारी लगाए गए हैं। कहीं से समस्या की कोई शिकायत नहीं है।
यदि कहीं पर कूड़ा कलेक्शन की समस्या आ रही है तो उसे दूर कराया जाएगा। कंपनियों को वैकल्पिक इंतजाम करना होगा। इस बारे में कंपनियों से भी बात की जाएगी कि अपने स्तर से निगरानी रखते हुए व्यवस्था में सुधार करें।-गौरव कुमार, नगर आयुक्त