स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. सुंदरिका का कहना है कि नई पीढ़ी पढ़ी लिखी है। अंतरा इंजेक्शन लेने के बाद तीन माह तक गर्भधारण से मुक्ति मिल जाती है। इसी तरह छाया की गोली खाने से महिलाओं को किसी तरह की समस्या नहीं होती है। जबकि माला एन और डी हार्मोनल हैं।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के महाप्रबंधक डॉ. सूर्यांशु ओझा का कहना है कि महिलाओं को अंतरा व छाया ज्यादा पसंद आ रही है क्योंकि यह सरल है सुलभ है। इसका कोई दुष्प्रभाव भी नहीं है। इस पर आशा को इंसेंटिव भी दिया जाता है। नसबंदी का लक्ष्य हासिल करने के लिए लगातार प्रयास किया जा रहा है।