Voter list in UP: नवदीप रिणवा ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, 127-पीलीभीत के प्रकरण में संलिप्त कम्प्यूटर सहायक (आउटसोर्स) की तत्काल सेवा समाप्ति का निर्देश संबंधित फर्म को दे दिया गया है।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा ने ECINET पोर्टल पर प्रदेश के सभी मतदाता पंजीकरण केंद्र के आपरेटरों का लॉग-इन व आईडी इनएक्टिव (निष्क्रिय) करने के निर्देश दिए हैं। पीलीभीत में बड़े पैमाने मतदाता सूची में गड़बड़ मिलने पर यह निर्णय लिया गया है। इन्हीं कम्प्यूटर सहायकों के लॉग-इन व आईडी के दुरुपयोग से ये गड़बड़ियां पैदा हुई थीं कि एक मतदाता के एपिक नंबर पर किसी दूसरे मतदाता का ब्योरा प्रदर्शित हो रहा था।
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मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) ने निर्देशित किया है कि जिला निर्वाचन अधिकारी (डीएम)अपने जिले के सभी निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों (ईआरओ) को तत्काल आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए निर्देशित करें। सभी विधानसभा क्षेत्रों में कार्यरत मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटर की लॉग-इन आईडी निष्क्रिय कराई जाए, ताकि किसी भी मतदाता पंजीकरण केंद्र के ऑपरेटर अपनी लॉग-इन आईडी के माध्यम से ECINET पोर्टल पर किसी प्रकार की काम (गतिविधि) न कर सकें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि सभी लॉग-इन आईडी निष्क्रिय किए जाने के बाद संबंधित ईआरओ से इसकी पुष्टि ले ली जाए। जिला निर्वाचन अधिकारी स्वयं सभी विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों में की गई कार्यवाही का सत्यापन करते हुए रिपोर्ट तत्काल मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगें।
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पीलीभीत प्रकरण में संलिप्त कम्प्यूटर ऑपरेटर हटाया गया
नवदीप रिणवा ने बताया कि विधानसभा निर्वाचन क्षेत्र, 127-पीलीभीत के प्रकरण में संलिप्त कम्प्यूटर सहायक (आउटसोर्स) की तत्काल सेवा समाप्ति का निर्देश संबंधित फर्म को दे दिया गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची से संबंधित कार्यों में पारदर्शिता सर्वोच्च प्राथमिकता में हैं।
पीलीभीत से हटाए गए दोनों एसडीएम किए गए प्रतीक्षारत
मतदाता सूची में गड़बड़ी के मामले में पीलीभीत से हटाए गए दोनों उपजिलाधिकारियों (पीसीएस) हेमंत कुमार चौधरी और मयंक गोस्वामी को प्रतीक्षारत कर दिया है। शुक्रवार को जारी स्थानांतरण सूची में इन्हें लखनऊ में तैनाती दी गई थी, जिस पर सवाल उठ रहे थे। मतदाता सूची में करीब 13 हजार वोटों की गड़बड़ियों में इन अधिकारियों पर एफआईआर भी दर्ज की गई है।
हेमंत कुमार चौधरी को पीलीभीत से हटाकर शुक्रवार को राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में ओएसडी और मयंक गोस्वामी को बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी मुख्यालय के पद पर तैनाती के लिए आदेश जारी किया गया था, लेकिन शनिवार को इन्हें वेटिंग में डाल दिया गया।