फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

यूपी: परिषदीय स्कूलों में विलय में दाखिल सभी अपीलें निस्तारित, 50 से अधिक बच्चों वाले स्कूलों का विलय नहीं

Wed, 19 Nov 2025 07:19 PM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Primary schools in UP: प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के विलय मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एकल पीठ के फैसले को चुनौती देने वाली दो विशेष अपीलें निस्तारित कर दीं। 
 
विज्ञापन
यूपी के प्राइमरी स्कूल। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

प्रदेश के परिषदीय स्कूलों के विलय मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने एकल पीठ के फैसले को चुनौती देने वाली दो विशेष अपीलें निस्तारित कर दीं। कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा मामले में जारी आदेश/सर्कुलर के प्रकाश में अपीलों का निपटारा कर दिया। कोर्ट ने कहा कि बेसिक शिक्षा विभाग को आदेश/सर्कुलर में दिए गए दिशा निर्देशों का पालन करना होगा। राज्य सरकार की ओर से आदेश पेश करके कहा गया कि 50 से अधिक बच्चों वाले और एक किलोमीटर से अधिक दूरी वाले स्कूलों का विलय नहीं किया गया।

विज्ञापन


यह अहम आदेश मुख्य न्यायमूर्ति अरुण भंसाली और न्यायमूर्ति जसप्रीत सिंह की खंडपीठ ने मामले में दाखिल विशेष अपीलों पर दिया है। बीती 24 जुलाई को हाईकोर्ट ने विलय प्रक्रिया में उजागर हुई स्पष्ट अनियमितताओं के मद्देनजर सीतापुर के स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि यह अंतरिम आदेश देते समय अदालत ने स्कूलों के विलय या मर्जर की सरकार की नीति और इसपर अमल करने की मेरिट पर कुछ नहीं किया है।

राज्य सरकार के मुख्य स्थायी अधिवक्ता शैलेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि मामले में सरकार के 27 अगस्त के आदेश/सर्कुलर को कोर्ट में पेश करके कहा गया कि जिन स्कूलों में 50 से अधिक बच्चे हैं और दो स्कूलों की दूरी अगर एक किलोमीटर से अधिक है, तो उनको जोड़ा नहीं जाएगा। एक और आदेश पेश कर सरकार ने कहा कि जिन स्कूलों में 50 से कम बच्चे हैं और जिन दो स्कूलों के बीच 1 किलोमीटर से कम दूरी है, उन्हीं की पेयरिंग (जोड़ने) की गई है। इसपर कोर्ट ने कहा कि स्कूलों की पेयरिंग के स्टेटस से साफ पता चलता है कि पेयरिंग की कार्रवाई 2009 के आरटीई अधिनियम और इसके नियमों के तहत की गई है। इस टिप्पणी के साथ कोर्ट ने अपीलें निस्तारित कर दीं।

विज्ञापन
विज्ञापन

सीतापुर में पेयरिंग प्रक्रिया पर यथास्थिति का दिया था आदेश

मामले में बीती 24 जुलाई को कोर्ट ने अंतरिम आदेश देकर अगली सुनवाई 21 अगस्त को नियत की थी। अदालत के सामने सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश किए गए विलय के कुछ दस्तावेजों में अनियमितताएं सामने आईं थीं। राज्य सरकार की ओर से इनका स्पष्टीकरण देने का समय मांगा गया था। कोर्ट ने सीतापुर जिले में स्कूलों की पेयरिंग प्रक्रिया पर 21 अगस्त तक मौजूदा स्थिति बरकरार रखने का आदेश दिया था। इसके बाद अदालत ने बीते 21 अगस्त को सीतापुर में स्कूलों के विलय पर यथास्थिति बरकरार रखने का अंतरिम आदेश 1 सितंबर तक बढ़ा दिया था।

पहली विशेष अपील सीतापुर के 5 बच्चों ने, और दूसरी भी वहीं के 17 बच्चों ने अपने अभिभावकों के जरिये दाखिल की थी। इनमें स्कूलों के विलय में एकल पीठ द्वारा बीती 7 जुलाई को दिए गए फैसले को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था।एकल पीठ ने प्राथमिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था

बीती 7 जुलाई को स्कूलों के विलय मामले में एकल पीठ ने प्राथमिक स्कूलों के विलय आदेश को चुनौती देने वाली दोनों याचिकाओं को खारिज कर दिया था। एकल पीठ ने यह फैसला सीतापुर के प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों में पढ़ने वाले 51 बच्चों समेत एक अन्य याचिका पर दिया था। इनमें बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा बीती 16 जून को जारी उस आदेश को चुनौती देकर रद्द करने का आग्रह किया गया था, जिसके तहत प्रदेश के प्राथमिक विद्यालयों के बच्चों की संख्या के आधार पर उच्च प्राथमिक या कंपोजिट स्कूलों में विलय करने का प्रावधान किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें