विधान परिषद में उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने बताया कि पूर्व सीएम अखिलेश यादव की सुरक्षा में राजनाथ सिंह और मायावती से अधिक कर्मी तैनात हैं। हालांकि एनएसजी सुरक्षा केवल मायावती को मिली है। सदन में इस मुद्दे पर पक्ष-विपक्ष में तीखी नोकझोंक भी हुई।
प्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री की हैसियत से राजनाथ सिंह व मायावती से ज्यादा अखिलेश की सुरक्षा में कर्मी लगे हुए हैं। जबकि, पूर्व सीएम में एनएससी सुरक्षा सिर्फ मायावती को मिली हुई है। यह जवाब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने विधान परिषद में रखा। यह मामला सपा के सदस्य आशुतोष सिन्हा ने विधान परिषद में उठाया था। उन्होंने कहा कि सपा और भाजपा की विचारधारा में अंतर हो सकता है, लेकिन सुरक्षा के साथ कोई समझौता नहीं करना चाहिए। उन्होंने पूर्व सीएम अखिलेश यादव के लिए एनएसजी सुरक्षा की मांग की।
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इस पर केशव ने कहा कि एनएसजी सुरक्षा दिए जाने का मुद्दा केंद्र का है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राजनाथ सिंह के लिए 81 सुरक्षा कर्मी की संस्तुति हैं और उनके साथ 82 सुरक्षा कर्मी तैनात हैं। मायावती के साथ 156 सुरक्षा कर्मी की संस्तुति है और 161 लगे हुए हैं। जबकि अखिलेश यादव के लिए 185 सुरक्षा कर्मियों की संस्तुति है और 186 लगे हुए हैं।
केशव ने बताया मुंगेरी लाल का हसीन सपना
केशव ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्रियों के लिए जेड प्लस सुरक्षा का प्रावधान है। सपा को सिर्फ बसपा सुप्रीमो मायावती की एनएसजी सुरक्षा से दिक्कत है। हमारी सरकार अखिलेश यादव की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करेगी, लेकिन वे पूर्व मुख्यमंत्री हैं और पूर्व ही बने रहंगे। इस पर सपा के सदस्य राजेंद्र चौधरी ने कहा कि 15 मार्च 2027 को यूपी के सीएम अखिलेश यादव होंगे। केशव ने इसे मुंगेरी लाल का हसीन सपना बताया।