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यूपी: सिर्फ बयानबाजी नहीं है अखिलेश द्वारा मायावती को पीएम बनाने की बात, नीतीश को लेकर है यह रणनीति

Sun, 08 Mar 2026 09:05 AM IST
रोहित मिश्र अजीत बिसारिया, अमर उजाला नेटवर्क

सार

Akhilesh Yadav: अखिलेश यादव ने पहले नीतीश कुमार और अब मायावती को पीएम बनाने की बात कही है। इस बयानबाजी के गहरे राजनीतिक अर्थ हैं।
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अखिलेश ने चला राजनीतिक दांव। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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 मायावती और नीतीश कुमार पर अखिलेश के बयान सिर्फ कोरी बयानबाजी तक सिमटे भर नहीं हैं। ये दलित और कुर्मी समाज की सहानुभूति हासिल करने की सपा की सोची समझी रणनीति का हिस्सा है। इतना ही नहीं इससे पहले बसपा संस्थापक कांशीराम की जयंती को बड़े पैमाने पर मनाने का फैसला भी 2027 के विधानसभा चुनाव पर केंद्रित है।

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को एक बार फिर दोहराया कि इंडिया गठबंधन तो नीतीश कुमार को पीएम के पद तक ले जाना चाहता था, लेकिन भाजपा ने उन्हें कहीं का न रखा। बिना किसी तात्कालिक प्रसंग के यह भी कह डाला कि हम तो सपा-बसपा गठबंधन के तहत बसपा सुप्रीमो मायावती को भी प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे। इन बयानों के जरिये अखिलेश ने दलित समाज, खासकर जाटव जाति और पिछड़ों में कुर्मी समाज को वर्षों से दबी हसरतों को उभारने का काम किया है।

नीतीश कुमार कुर्मी समाज से हैं। अखिलेश ने नीतीश कुमार के बिहार के सीएम की कुर्सी छोड़ने का फैसला सार्वजनिक होने के बाद जदयू कार्यकर्ताओं के गुस्से को अपने एक्स अकाउंट पर स्थान दिया था। इसमें जदयू कार्यकर्ता सार्वजनिक कार्यक्रम में भोजन के लिए रखी गई प्लेटों को फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह तथ्य भी अहम है कि यूपी में कुर्मी समाज के 11 लोकसभा सदस्य हैं, जिसमें से 7 सपा के टिकट पर जीते हैं। यहां का कुर्मी समाज भी नीतीश कुमार से जुड़ाव महसूस करता रहा है।

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2027 है निशाने पर

नीतीश कुमार - फोटो : अमर उजाला
अखिलेश यादव नीतीश कुमार के कद पर अपने बयान के जरिये कुर्मी समाज में सपा का प्रभाव और बढ़ाना चाहते हैं, ताकि 2027 के विधानसभा चुनाव में उन्हें इसका लाभ मिल सके। यही रणनीति वे मायावती के मामले में भी अपना रहे हैं। स्वतंत्रता प्राप्ति के बाद दलितों का एक बड़ा वर्ग बाबू जगजीवन राम को देश का प्रधानमंत्री बनते देखना चाहता था, जो तत्कालीन सामाजिक-राजनीतिक परिस्थितियों के चलते मुमकिन नहीं हो सका। अखिलेश अब मायावती को उस पद के लिए प्रस्तुत करके दलित समाज के मन में अपनी पार्टी के लिए जगह बनाना चाहते हैं।

कुल मिलाकर 2017 तक अखिलेश यादव के नाम में यादव पर ज्यादा जोर था, अब सपा नेतृत्व उनके नाम के पहले शब्द को ज्यादा जोर के साथ लोगों के दिलो-दिमाग में बैठाना चाहती है, ताकि यह संदेश जाए कि अखिलेश सभी वर्गों के पीड़ित, दमित और अपमानित महसूस कर रहे लोगो को साथ लेकर भविष्य की राह पकड़ना चाहते हैं। इसमें वे और उनकी पार्टी कितनी सफल होती है, यह तो भविष्य बताएगा। हालांकि, 2024 के लोकसभा चुनाव के परिणामों ने उनके आत्मविश्वास के साथ आकांक्षाओं को उच्चस्तर पर पहुंचा दिया है।
 

सपा-बसपा गठबंधन में मायावती, इंडिया में नीतीश को बनाना चाहते थे पीएम : अखिलेश

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व बसपा सुप्रीमो मायावती। - फोटो : amar ujala
 सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शनिवार को लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि सपा-बसपा गठबंधन के समय हम मायावती को प्रधानमंत्री बनाना चाहते थे। वहीं, इंडिया गठबंधन में नीतीश कुमार का नाम पीएम पद के लिए प्रस्तावित करने की योजना थी।

अखिलेश ने भाजपा सरकार को माफियाओं की सरकार और इतिहास की सबसे भ्रष्ट सरकार बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कारण महंगाई चरम पर पहुंच गई है। एलपीजी गैस के दाम आज ही 60 रुपये बढ़ाए गए हैं। सपा अध्यक्ष ने कहा कि हाल में सपा के खिलाफ एक गाना लांच कराया गया है, जिस पर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।

सीएम पर तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री अपनी विदाई से पहले जापान घूमने गए थे लेकिन क्योटो नहीं गए। जो मुख्यमंत्री ट्रेन की बढ़ती रफ्तार देखकर ताली बजाए वह क्या विकास कर सकता है। चुनाव आयोग पर सवाल उठाते हुए कहा कि यूपी में बड़े पैमाने पर वोट कटवाने की तैयारी हुई थी। जांच होनी चाहिए कि इतनी बड़ी संख्या में प्रिंटेड फार्म-7 कहां से आए। शंकराचार्य पर कहा कि भाजपा ने शंकराचार्य के साथ सनातन धर्म को भी बदनाम किया।

अखिलेश ने कहा कि भारत की विदेश नीति भारत सरकार और जनता तय करेगी, कोई दूसरा देश नहीं। रूस हमारा पुराना मित्र है। हम लोकसभा में भी यह मुद्दा उठाएंगे कि अगर रूस से सस्ता तेल मिल रहा है तो सरकार आयात करे। इस दौरान सपा के राष्ट्रीय महासचिव शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि भाजपा सरकार ने भ्रष्टाचार के सारे रिकार्ड तोड़ दिए है। बजट का 70 फीसदी ये लोग खुद ले रहे हैं। बाकी इंजीनियर, ठेकेदार बांट लेते हैं। इस अवसर पर लाल बिहारी यादव, राजेंद्र चौधरी समेत कई नेता मौजूद रहे।
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केशव को नया हेलीकॉप्टर दें

सपा अध्यक्ष ने कहा कि डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य को नया हेलीकॉप्टर दिया जाना चाहिए, ताकि उनका सफर सुरक्षित रहे। साथ ही कहा कि संघ परिवार की अलग-अलग शहरों में बैठकें विधायकों के टिकट काटने के लिए हो रही हैं।

सपा के हुए रोहित पांडेय
अन्य दलों से आए कई नेताओं ने शनिवार को सपा की सदस्यता ग्रहण की। इनमें संतकबीरनगर से कांग्रेस के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ चुके रोहित कुमार पांडेय, बीएसएफ के पूर्व डीआईजी राम सलत राम और मुजफ्फरनगर के अंकित सिंह शामिल हैं। प्रगतिशील शिक्षक व प्रबुद्ध समाज मंच के शिक्षकों और बुद्धिजीवियों ने भी सदस्यता ग्रहण की।
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