अखिलेश के हमले का ब्रजेश ने तत्काल पलटवार करते हुए उन्हें युवराज करार देते हुए झूठ का सौदागर बताया। उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पंडित दीनदयाल उपाध्याय, तत्कालीन जनसंघ अध्यक्ष पीतांबर दास, भारत रत्न नानाजी देशमुख और महान समाजवादी विचारक स्व. डॉ. राममनोहर लोहिया आपस में संवाद करते एतिहासिक तस्वीर साझा करते हुए लिखा कि तानाशाह ही संवाद के विरोधी होते हैं। उन्होंने लिखा पत्रकार होना गर्व की बात है। मैं तो एक साधारण सामाजिक-राजनीतिक कार्यकर्ता हूं, लेकिन हमारा गौरवशाली इतिहास गवाह है कि जितने भी महान जननेता हुए हैं, वे लगभग सभी पत्रकार रहे हैं।
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव व उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक।
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अपने पोस्ट में डिप्टी सीएम ने संवाद को सनातन की परंपरा बताया। उन्होंने जेपी को उद्धृत करते हुए लिखा कि तानशाह ही संवाद के विरोधी होते हैं। हमारे पत्रकार भाई बहन समाज के कर्मयोगी हैं। उन्हें खलिहर बताना उनका सीधा अपमान है। युवराज को मेहनतकश लोग बुरे लगेंगे और झूठ के सौदागर को ही संवाद से डर लगेगा।
डिप्टी सीएम ने दिया जवाब
अपने लंबे-चौड़े पोस्ट में डिप्टी सीएम ने यह भी लिखा कि वह बतौर स्वास्थ्य मंत्री लोक स्वास्थ्य सेवा को बेहतर कर रहे हैं। इसके अलावा एक राजनीतिक कार्यकर्ता के रूप में संवाद के जरिए लोककर्तव्य निभा रहे हैं। अब इस पर उन्हें मिर्ची लगती है तो मैं क्या करूं?