फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

शंकराचार्य के खिलाफ FIR: अखिलेश बोले, उन्हें अपमानित करने के लिए लाया गया 20 साल पुराना मामला

Sun, 22 Feb 2026 04:20 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Shankaracharya Controversy : शंकराचार्य पर यौन शोषण के मामले में एफआईआर दर्ज करने के आदेश पर अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार उन्हें अपमानित कर रही है। इसलिए 20 साल पुराना मामला खोज कर लाई है।
विज्ञापन
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यूपी सरकार शंकराचार्य को अपमानित करने के लिए 20 साल पुरानी घटना को ढूंढ कर लाई है। यह पहली बार है जब शंकराचार्य को माघ मेले में गंगा स्नान करने से रोका गया। अखिलेश यादव रविवार को सपा कार्यालय में मीडिया को संबोधित कर रहे थे। जहां उन्होंने शंकराचार्य पर लगे यौन शोषण के मामले में हाईकोर्ट की ओर से एफआईआर दर्ज कराने के आदेश को लेकर बयान दिया।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि "...शंकराचार्य कई दिनों तक धरने पर बैठे रहे, उस समय सर्दी चरम पर थी। हमारे सनातनी व्यवस्था में कहीं किसी शंकराचार्य को स्नान से रोका नहीं गया होगा लेकिन यह पहली बार हुआ है कि उन्हें स्नान से भी रोका गया... अब यह सरकार शंकराचार्य को अपमानित करने के लिए 20 साल पुरानी घटना ढूंढ कर लाई... अगर यह(शिकायतकर्ता) उनका(रामभद्रचार्य) शिष्य है तो मुझसे गलती हुई है कि मैंने कभी रामभद्रचार्य पर जो मुकदमा था वह वापस लिया था, मुझे उन्हें जेल भेज देना चाहिए था। विचारों को लेकर झगड़े हो जाते हैं लेकिन आप इस स्तर तक चले जाएंगे कि आप ऐसे आरोप लगवाएंगे... इसलिए मैं कह रहा हूं कि यह सरकार अब बचने वाली नहीं है..."
 
ये भी पढ़ें - विधानसभा चुनाव से पहले यूपी में हो सकता है बड़ा राजनीतिक बदलाव, राज्यसभा चुनावों में होगा उलटफेर?
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - वाह रे सरकारी सिस्टम: कागज में मरा दिखाकर बंद कर दी वृद्धा पेंशन, हाथ जोड़ फफक पड़े बुजुर्ग, बोले-हम जिंदा हैं



प्रदेश का माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे भाजपा के लोग
अखिलेश यादव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि चुनाव के पहले भाजपा के लोग प्रदेश का माहौल खराब कर रहे हैं। हमने पहले भी देखा है कि इनके लोगों ने समाज में तनाव फैलाने के लिए मंदिर में मांस फेंकने की घटना को अंजाम दिया था। जांच करने के बाद भाजपा के 18 कार्यकर्ता एक साल जेल में रहे। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर भाजपा के लोग जानबूझकर ऐसे वीडियो डालते हैं जिससे कि समाज में तनाव फैले। उन्होंने सभी को भाजपा के लोगों से सावधान रहने की अपील की।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें