महामंडलेश्वर गिरीश दास ने कहा कि अखिलेश और मुलायम कभी रामभक्त नहीं थे। आज से नहीं बल्कि आदि से इनकी परंपरा रही है, ये वे लोग हैं जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं। इनकी श्रद्धा राम के प्रति नहीं है। जो राम का नहीं है वह किसी काम का नहीं है। अखिलेश ने अयोध्या आकर रामलला के दर्शन न कर एक बार फिर यह साबित किया है।
ऐसे कालनेमी हिंदू से सावधान रहने की जरूरत है : राजूदास
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश के अयोध्या दौरे को लेकर हनुमानगढ़ी के पुजारी राजूदास ने कहा कि कुर्सी पर रहते हुए रामभक्तों पर गोली चलवाते हैं, सत्ता से बाहर रहते भागवत कथा में पहुंचते हैं। उन्होंने हिंदुओं से ऐसे लोगों के प्रति जागरूक रहने की अपील की। कहा कि ऐसे कालनेमी हिंदू से सावधान रहने की जरूरत है। ये सनातन धर्म व संस्कृति का अपमान करने वाले लोग हैं।
श्रीमद्भागवत कथा में शामिल होने बृहस्पतिवार को अयोध्या पहुंचे सपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के रामलला के दर्शन नहीं करने पर भाजपा नेताओं ने निशाना साधा। अखिलेश यादव पूर्व मंत्री तेजनारायण पांडेय उर्फ पवन पांडेय के यहां आयोजित कथा में शामिल होने पहुंचे थे।
विधायक वेद प्रकाश गुप्ता ने कहा कि रामनगरी आने के बावजूद रामलला के दर्शन से दूरी बनाना अखिलेश यादव की अयोध्या के प्रति सोच को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि जिस राममंदिर के लिए करोड़ों रामभक्तों ने संघर्ष किया, वहां जाने से परहेज करना अयोध्या की आस्था से दूरी का संदेश देता है।
महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने कहा कि रामसेवकों पर गोली चलवाने वाली राजनीति को अयोध्या का विकास और राममंदिर का वैभव आज भी स्वीकार नहीं है। पूर्व सांसद लल्लू सिंह ने कहा कि राममंदिर करोड़ों रामभक्तों की आस्था और लंबे संघर्ष का परिणाम है। महानगर अध्यक्ष कमलेश श्रीवास्तव और जिलाध्यक्ष राधेश्याम त्यागी ने कहा कि रामसेवकों पर गोली चलाने वालों को अयोध्या की जनता भूली नहीं है।