बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष मायावती ने कहा कि महापुरुषों के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक स्वार्थ के लिए करना गलत है। सभी द्वेष व संकीर्णता को त्याग कर गौतम बुद्ध के जीवन आदर्शों पर चलकर देश को फिर से जगद्गुरु बनाने के ईमानदार प्रयास होने चाहिए। बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर उन्होंने पाकिस्तान को बुद्ध की शिक्षा और उनके जीवन से प्रेरणा लेने की नसीहत दी।
बसपा सुप्रीमो ने सोमवार को गौतम बुद्ध के सभी अनुयायियों को बुद्ध पूर्णिमा की बधाई दी। साथ ही अपने बयान में कहा कि बसपा की चार बार रही सरकार के दौरान महात्मा बुद्ध के आदर्शों पर चलकर कानून का राज स्थापित किया गया था। सबको न्याय व सबके साथ न्याय का सांविधानिक धर्म भी निभाया गया। बाद में सपा व भाजपा की सरकार में यूपी में खासकर न्याय व कानून-व्यवस्था का बुरा हाल होने से लोगों का जीवन त्रस्त है। उनकी जयंती जाति-भेद, हिंसक मनोवृति, द्वेष आदि को त्यागने की प्रतिज्ञा को दोहराने का दिन है, क्योंकि इसी में जीवन व देश की सुख-शांति एवं तरक्की निहित है। लेकिन इस जिम्मेदारी को सरकारों द्वारा संकीर्ण स्वार्थ की खातिर भुला दिया गया है, जिससे आमजन त्रस्त और दुखी है।