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यूपी: अखिलेश के भाजपा से 12 सवाल, बोले- बैंक मजबूत हुए तो फिर बेचे क्यों जा रहे, जनता का पैसा कहां जा रहा?

Sat, 17 Oct 2026 11:54 AM IST
Akash Dwivedi डिजिटल डेस्क, लखनऊ

सार

अखिलेश यादव ने बैंकिंग व्यवस्था को लेकर भाजपा से बारह सवाल पूछे। उन्होंने बैंक शाखाओं और एटीएम बंद होने, खातों से कटौती, साइबर ठगी, महंगे कर्ज और बैंक कर्मचारियों की कमी पर सवाल उठाए। उन्होंने ग्रामीण बैंकिंग सुविधाओं, किसानों को ऋण और बुजुर्गों की डिजिटल सुरक्षा के मुद्दे भी उठाए।
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अखिलेश यादव। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर भाजपा पर तंज कसा है। उन्होंने ‘बारह साल, बारह सवाल’ शीर्षक से बैंकिंग व्यवस्था को लेकर 12 सवाल उठाए। अखिलेश ने बैंकों की मजबूती के दावों के बीच बैंक शाखाओं और एटीएम बंद होने, ग्राहकों के खातों से कटौती, साइबर ठगी और कर्ज से जुड़ी समस्याओं पर सवाल किए।

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अखिलेश यादव ने पूछा कि अगर बैंक मजबूत हुए हैं तो उन्हें बेचा क्यों जा रहा है और गरीब जनता के खातों से पैसे क्यों काटे जा रहे हैं? उन्होंने केवाईसी के नाम पर ग्राहकों को परेशान किए जाने और बैंकों से भारी कर्ज लेकर विदेश भागने वालों को वापस लाकर सजा दिलाने में हो रही देरी पर भी सवाल उठाए।

 

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ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं का मुद्दा उठाया

सपा प्रमुख ने ग्रामीण इलाकों में बैंक शाखाएं और एटीएम बंद किए जाने पर सवाल करते हुए कहा कि इससे लोगों को नकदी के लिए भटकना पड़ता है। उन्होंने किसानों, छात्रों और छोटे दुकानदारों को बिना बिचौलिये और गारंटर के कर्ज मिलने में आने वाली मुश्किलों का मुद्दा भी उठाया।

साइबर ठगी और महंगे लोन पर सवाल

अखिलेश यादव ने साइबर ठगी का शिकार हुए लोगों को पैसा वापस मिलने में देरी और बैंक व थानों के चक्कर लगाने की परेशानी का जिक्र किया। उन्होंने होम लोन और शिक्षा ऋण पर ब्याज दरों को लेकर भी सवाल उठाए। इसके अलावा डिजिटल लेनदेन विफल होने पर ग्राहकों का पैसा कई दिनों तक अटके रहने और सिबिल स्कोर में छोटी चूक के कारण युवाओं को कर्ज लेने में होने वाली दिक्कतों पर सवाल किया।

 

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बुजुर्गों की मदद और बैंक कर्मचारियों की भर्ती का मुद्दा

अखिलेश ने पूछा कि बुजुर्गों और कम पढ़े-लिखे लोगों को यूपीआई और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाने के लिए हर बैंक शाखा में सहायता काउंटर क्यों नहीं हैं। उन्होंने बैंक कर्मचारियों की मांगें पूरी न होने, नई भर्तियां नहीं होने और मौजूदा कर्मचारियों पर बढ़ते काम के दबाव का मुद्दा भी उठाया।

सपा अध्यक्ष के इन 12 सवालों के केंद्र में बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता, ग्राहकों की सुरक्षा, कर्ज की सुविधा और कर्मचारियों की स्थिति जैसे मुद्दे रहे। उनकी पोस्ट में बैंकिंग व्यवस्था को लेकर सरकार से जवाब मांगते हुए भाजपा पर राजनीतिक निशाना साधा गया है।
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