परिवहन आयुक्त बीएन सिंह की ओर से आकाशदीप को भी सोमवार को नोटिस भेजा गया। इसमें मोटर अधिनियम का हवाला दिया गया है। इसके तहत बगैर हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट के एसयूवी को सड़क पर न उतारा जाए। ऐसा करते पाए जाने पर वैधानिक कार्रवाई होगी।
अधिकारियों ने बताया कि जनवरी में बगैर पंजीकरण के निजी वाहन को सवारी ढोते पाया गया था। चालान के बाद वाहन सुशांत गोल्फ सिटी थाने में सीज करवाया गया। उस वक्त सनी मोटर्स के अमौसी स्थित शोरूम से बगैर एचएसआरपी के गाड़ी दे दी थी। सनी मोटर्स को नोटिस भेजा गया, पर जवाब नहीं दिया गया। इस पर आरटीओ ने 3,96,000 रुपये का जुर्माना लगाया, जिसे जमा नहीं करवाया गया। डीलर पर अन्य वाहन का बीमा के बाद भी टैक्स नहीं जमा करने का भी मामला मिला है। इसके बाद अमौसी स्थित शोरूम का ट्रेड सर्टिफिकेट एक महीने के लिए निलंबित कर दिया गया है। इस दौरान वाहनों की बिक्री व पंजीयन नहीं कराया जा सकेगा। इसका खामियाजा उन ग्राहकों को उठाना पड़ेगा जिन्होंने पहले से वाहनों की बुकिंग करवाई थी और इस दौरान उन्हें डिलीवरी की जानी थी। एआरटीओ ने बताया कि वाहन बेचते पाए जाने पर ट्रेड सर्टिफिकेट निरस्त किया जा सकता है।
भारतीय टीम के तेज गेंदबाज आकाशदीप ने अपनी बहन अखंड ज्योति सिंह और परिजनों से मिलने लखनऊ के सरस्वतीपुरम पहुंचे। ज्योति के साथ अन्य दो बहनों ने भी भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार गेंदबाज के कलाई पर राखी बांधी। रक्षाबंधन के दिन ही आकाशदीप ने फार्च्यूनर खरीदा और कहा कि आखिरकार सपना सच हुआ।
आकाशदीप ने इंस्टाग्राम पर एक फोटो साझा करते हुए लिखा, ड्रीम्स डिलीवर्ड, यानी सपना सच हुआ। चाभियां मिल गईं। उनके साथ, जिनका मेरे साथ होना मेरे लिए मायने रखता है। इस फोटो में आकाशदीप की तीनों बहनें और मां भी हैं। तेज गेंदबाज और उनकी तीनों बहनों ने तकरीबन एक जैसे ही कपड़े पहने थे। सरस्वतीपुरम में आकाशदीप की मां बेटियों के साथ रह रही हैं। अखंड ज्याेति के कैंसर का इलाज लखनऊ के एक निजी अस्पताल में चल रहा है। यहां पर उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि कोच गंभीर और विराट कोहली ने हमेशा मार्गदर्शन किया। कठिन समय में ये आगे बढ़ने के प्रेरणास्रोत बने।