नक्खास में खजूर खरीदते लोग।
खजूर की मांग बढ़ने के साथ कीमतों में भी उछाल
रमजान के बीच खजूर की मांग बढ़ने के साथ ही इसकी कीमतों में भी उछाल देखने को मिल रहा है। ईरान-इस्राइल के बीच जारी तनाव के कारण खाड़ी देशों से खजूर के आयात को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है। व्यापारियों का कहना है कि थोक बाजार में बढ़ोतरी सीमित है, लेकिन फुटकर बाजार में इसका असर ज्यादा दिखाई दे रहा है और ग्राहकों को अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है।
थोक व्यापारियों के पास फिलहाल खजूर का स्टॉक पर्याप्त बताया जा रहा है, लेकिन शहर के चौक, अमीनाबाद और नक्खास समेत प्रमुख बाजारों के फुटकर व्यापारियों ने संभावित आयात संकट को देखते हुए कीमतों में हल्की बढ़ोतरी कर दी है। चौक के खजूर व्यापारी राशिद ने बताया कि रमजान के कारण मांग पहले से ज्यादा है। अभी बाजार में स्टॉक तो है, लेकिन नया माल नहीं पहुंचा है। यदि पश्चिम एशिया के हालात लंबे समय तक ऐसे ही बने रहे तो आगे कीमतें और बढ़ सकती हैं।
थोक कारोबारी दानिश ने बताया कि थोक मंडी में खजूर के दाम लगभग पहले जैसे ही हैं, लेकिन अमीनाबाद के व्यापारी जुनैद खान, डंडइया के भूरे का कहना है कि थोक बाजार में पिछले सात दिन में पांच से 10 रुपये प्रति किलो तक की बढ़ोतरी हुई है। सर्वाधिक रूप से पसंद किया जाने वाला कीममिया खजूर का आधा किलो का डिब्बा पहले 150 रुपये में बिक रहा था, अब थोक में 160 और फुटकर में 180-190 रुपये तक पहुंच गया है। कमोवेश यही स्थिति लगभग सभी प्रकार के खजूरों की है।
मंडी के थोक कारोबारी दिनेश गुप्ता ने बताया कि भारत में आने वाला अधिकांश खजूर सऊदी अरब, ईरान और खाड़ी देशों से आता है। यदि वहां की स्थिति का असर आपूर्ति पर पड़ा तो रमजान के आखिरी दिनों में कीमतों में और तेजी आ सकती है। व्यापारियों के मुताबिक फिलहाल बाजार में खजूर की उपलब्धता बनी हुई है, लेकिन आयात को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण बाजार में कीमतें धीरे-धीरे बढ़ रही हैं।