केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने गुरुवार को कहा कि किसानों की आय बढ़ाने और विकसित भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए विकसित खेती अपनानी होगी। उन्होंने बागवानी को बढ़ावा देने, फसल संरक्षण और निर्यात वृद्धि पर जोर देते हुए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं।मंत्री ने कहा कि जल्द ही एक एकीकृत प्लेटफार्म बनाया जाएगा, जो पौध से लेकर फल तक का पूरा प्रबंधन करेगा।
मंत्री ने घोषणा की कि यूपी में क्लीन प्लांट सेंटर खोले जाएंगे। इससे नर्सरी स्तर पर रोगमुक्त पौधे उपलब्ध होंगे। प्राइवेट क्षेत्र को भी सहायता दी जाएगी। उन्होंने आम, केले और अंगूर के निर्यात बढ़ाने का लक्ष्य रखा। आम और केले के निर्यात में 5 प्रतिशत तथा अंगूर में 15 प्रतिशत वृद्धि का लक्ष्य है।
लीची में स्टीम बग की समस्या पर तुरंत टीम भेजी जाएगी।आम की शेल्फ लाइफ 25-30 दिनों तक बढ़ाने में सफलता मिली है। आगे इसे 40-50 दिनों तक बढ़ाने पर काम चल रहा है। निर्यात लागत कम करने के लिए समुद्री मार्ग को बढ़ावा दिया जाएगा। अर्जेंटीना, दक्षिण अफ्रीका और कोरिया जैसे नए बाजारों में आम भेजने का प्रयास जारी है।
उत्तर प्रदेश में निर्यात सुविधा के लिए एक विशेष केंद्र स्थापित किया जाएगा। आठ क्लस्टर बनाए जा रहे हैं। आगरा में आलू अनुसंधान केंद्र खुल रहा है। पुराने बागों के जीर्णोद्धार, कटाई-छंटाई के लिए मशीनों और इंटर क्रॉपिंग पर जोर दिया गया।
बागवानी संस्थान लखनऊ केले की शेल्फ लाइफ बढ़ाने में सफल रहा है, जिसे समुद्री मार्ग से निर्यात किया जाएगा।समुद्री परिवहन और एयर कार्गो में जीएसटी की विसंगति को दूर करने का आश्वासन भी दिया गया।शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि उत्पादन बढ़ाने के साथ उत्पादन-पूर्व और उत्पादन-पश्चात प्रबंधन पर ध्यान देने से ही किसान समृद्ध होंगे।