राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की नैनीताल बैठक में संगठन के एक साल के कार्यकाल के साथ उत्तर प्रदेश के बारे में भी एजेंडा सेट किया जाएगा। इसी महीने 22 से 24 तारीख तक चलने वाली इस बैठक में संघ का शीर्ष नेतृत्व भी मौजूद रहेगा। वर्ष में एक बार होने वाली इस बैठक की संघ के जमीनी कामकाज में महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
इस बैठक को प्रांत प्रचारकों की बैठक कहा जाता है। इसमें संघ के कामकाज का मुख्य हिस्सा प्रांत प्रचारक और इससे ऊपर के प्रचारक रहते हैं। साथ ही संघ से संबंधित दूसरे संगठनों में इस समय केंद्रीय महामंत्री (संगठन) बुलाए जाते हैं।
इसमें उत्तर प्रदेश में संघ के कार्य के विस्तार का भी खाका खींचने के संकेत हैं। साथ ही संघ के केंद्रीय कार्यकारी मंडल की बैठक का स्थान भी इसमें तय होगा।
जून में पूरे देश में लगाए गए संघ के शारीरिक शिक्षा के शिविरों की स्थिति और उसमें शामिल होने वालों की संख्या की समीक्षा भी इसी बैठक में होगी। संघ के कामकाज को धन जुटाने के लिए प्रतिवर्ष होने वाले गुरु दक्षिणाओं के कार्यक्रम भी नैनीताल में ही तय होंगे।