वेटिंग का कोटा फिक्स कर देने से आम यात्रियों की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। मुंबई व दिल्ली की रेगुलर ट्रेनों में रिग्रेट है। वेटिंग टिकट भी बुक नहीं हो रहे। वहीं महंगी चेयरकार ट्रेनों वंदे भारत, शताब्दी व हमसफर में यात्रियों को सीटें मिल रही हैं। इसके चलते यात्रियों को छह गुनी महंगी ट्रेनों में सफर करना पड़ रहा है।
पानदरीबा निवासी अखिलेश सिंह को पत्नी संग दिल्ली जाना है। लखनऊ मेल की स्लीपर में रिग्रेट होने से उन्हें टिकट नहीं मिला। तेजस एक्सप्रेस में खाली सीट उपलब्ध थी। मजबूरन उन्होंने तेजस की चेयरकार में 1,969 रुपये का टिकट बुक कराया। टिकट महंगा होने के कारण अब वह अकेले जा रहे हैं। पत्नी को ले जाने का विचार ड्रॉप कर दिया है। अखिलेश ही नहीं, ऐसे यात्रियों की भरमार है, जो वेटिंग पर कैपिंग हो जाने से मजबूरन महंगा सफर कर रहे हैं।
दरअसल, रेलवे प्रशासन की ओर से वेटिंग का कोटा बढ़ाकर 25 प्रतिशत से 60 फीसदी कर दिया गया है। इससे वेटिंग में बुक होने वाले टिकटों की संख्या बढ़ गई है, लेकिन यात्रियों को इससे भी राहत नहीं मिल रही है। लखनऊ से दिल्ली व मुंबई के रूटों की रेगुलर ट्रेनों में वेटिंग की सारी सीटें फुल हो गई हैं।
मुंबई रूट पर स्पेशल ट्रेन में वेटिंग सीटें मिल रही हैं, जबकि दिल्ली के लिए शताब्दी, तेजस, वंदे भारत की महंगी चेयरकार खाली हैं। लखनऊ से मुंबई जाने वाली पुष्पक एक्सप्रेस, गोरखपुर एलटीटी, कुशीनगर एक्सप्रेस, अवध एक्सप्रेस की स्लीपर, थर्ड एसी में रिग्रेट चल रहा है। यात्री वेटिंग टिकट भी बुक नहीं करवा सकते। वहीं मुंबई जाने वाली स्पेशल ट्रेन 09044 में सोमवार को स्लीपर में 286 वेटिंग चल रही है। ऐसे ही लखनऊ से दिल्ली जाने वाली लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, गोरखधाम, काशी विश्वनाथ सहित कई ट्रेनों के स्लीपर व थर्ड एसी में रिग्रेट होने से यात्रियों को मजबूरन महंगी चेयरकार ट्रेनों में सफर करना पड़ रहा है।