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यूपी: तीन दशकों के बाद लखनऊ सहित पूरे प्रदेश में मई का मौसम रहा ठंडा, चक्रवात की वजह से औसत से नीचे गया पारा

Wed, 04 Jun 2025 10:57 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

UP Weather Today: इस बार की गर्मी उतनी चुभन देने वाली नहीं रही। यहां तक कि नौतपा में भी लू की जगह पुरवाई हवाएं चलती रहीं। मौसम वैज्ञानिकों ने इसके पीछे की वजहें बताईं। 
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यूपी में मई में रहा मानूसन जैसा एहसास। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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UP Weather News:  मई के बाद अब तपिश वाले महीने जून के भी तीन दिन गुजर गए हैं लेकिन राजधानी में मौसम ठंडा और सुहाना है। ना चिलचिलाती धूप, ना ही लू के थपेड़े। झुलसाती धूप भरा नौतपा इस बार नरमी भरा रहा। मानसून से पहले अप्रत्याशित बूंदाबांदी की लंबी अवधि, बादल और ठंडी हवाओं ने लोगों को चौंका दिया है। मंगलवार को भी सुबह बारिश और दिन भर बादलों की मौजूदगी से मौसम सुहाना रहा। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल के आखिरी सप्ताह से लगातार सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ, अरब सागर में बने कम दबाव क्षेत्र, नमीयुक्त पूर्वा हवाओं के असर से रुक-रुक कर बूंदाबांदी और बादलों की मौजूदगी इस बदलाव की मुख्य वजह है।

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तीन दशकों में पहली बार है पारे में सिलसिलेवार उठा-पटक
राजधानी के वरिष्ठ पर्यावरण विशेषज्ञ संजय मोहन के मुताबिक लखनऊ के तापमान में ऐसी सिलसिलेवार उठा-पटक तीन दशकों में पहली बार देखने को मिला है। अप्रैल के आखिर में पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी में आए मौसम में बदलाव, छिटपुट बूंदाबांदी और तापमान में उतार-चढ़ाव का सिलसिला बीते 27 अप्रैल से तीन जून यानी 38 दिनों से जारी है। इन 38 दिनों के बीच यहां पारे में उतार-चढ़ाव और मौसम सुहाना व नरमी भरा रहा। बूंदाबांदी और पूर्वा हवाओं के असर से मई में कई दिन तो मॉनसून के दिनों जितने ठंडे रहे। ऐसे दिनों की संख्या ज्यादा रही, जब अधिकतम तापमान सामान्य से काफी कम रहा। हालांकि बीच-बीच में नमी भरी पुरवाई उमस का भी एहसास कराती रही। जलवायु परिवर्तन का असर अब मौसम पर साफ नजर आने लगा है।
 

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क्या कहते हैं आंकड़े

मंगलवार यानी 3 जून को लखनऊ का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री दर्ज किया गया जो सामान्य से 4.9 डिग्री नीचे रहा। मई से लेकर तीन जून के बीच लखनऊ में कई दिन पारा सामान्य से नीचे रहा। मौसम विभाग से मिले पिछले तीस साल के आंकड़ों के मुताबिक पिछले तीस वर्षों में ऐसा कभी नहीं हुआ कि झुलसाती गर्मी और तपिश वाले महीने मई से लेकर तीन जून तक यानी लगातार 38 दिनों के बीच ज्यादातर दिनों में अधिकतम तापमान सामान्य से नीचे रहा हो।
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विक्षोभों की झड़ी और अरब सागर से उठी नमी रही कारण

मौसम - फोटो : अमर उजाला
इस अप्रत्याशित मौसमी बदलाव पर आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र अमौसी के वरिष्ठ वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने 27 अप्रैल से यूपी में लगातार सक्रिय विक्षोभों की झड़ी, अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के ऊपर लो प्रेशर बनना, नमीयुक्त पूर्वा हवाओं की वजह से लखनऊ के पारे में लगातार गिरावट आई और मौसम सुहाना रहा। बूंदाबांदी थमने के बाद 5 जून से तापमान का चढ़ना शुरू होगा। मंगलवार को दिन का अधिकतम तापमान 35.3 डिग्री दर्ज हुआ जो सामान्य से 4.9 डिग्री नीचे रहा। रात का पारा 27 डिग्री रिकॉर्ड हुआ।
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