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यूपी: सीएम की दखल के बाद 24 घंटे में खाली हुआ मेजर की बेटी का मकान, भूमाफियाओं ने कर रखा था कब्जा

Fri, 02 Jan 2026 12:02 AM IST
रोहित मिश्र सूरज शुक्ला, अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

Major daughter writes to Yogi Adityanath: आरोपियों ने मकान संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। एक तरह से मकान अपने नाम पर कर लिया था। आरोपियों को पता था कि केवल अंजना ही हैं और वह भी वहां रहती नहीं हैं। 
 
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मेजर की बेटी के घर कब्जा का मामला। - फोटो : अमर उजाला।
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 मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से शिकायत करने के 24 घंटे के भीतर मेजर की दिव्यांग व बीमार बेटी का मकान कब्जा मुक्त कराया गया। कब्जा करने वाले चंदौली के दोनों भूमाफिया के खिलाफ राजधानी के गाजीपुर थाने में एफआईआर दर्ज की गई। लखनऊ पुलिस के इनपुट पर चंदौली पुलिस ने बृहस्पतिवार को दोनों आरोपियाें को गिरफ्तार भी कर लिया।

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अंजना भट्ट के पिता बिपिन चंद्र भट्ट सेना में मेजर थे। इंदिरानगर में ए-418 उनका मकान है। करीब तीस साल पहले बिपिन का निधन हो गया था। उनके एक बेटे व एक बेटी की भी मृत्यु हो चुकी है। सिर्फ अंजना ही परिवार में बची हैं। वह गंभीर बीमारी से ग्रसित हैं। पिछले आठ वर्षों से वह निर्वाण रिहैब सेंटर में रहती हैं। वहीं उनका इलाज चल रहा है। बुधवार को सीएम से मिलकर उन्होंने बताया कि चंदौली निवासी बलवंत यादव व मनोज कुमार यादव ने उनके मकान पर कब्जा कर लिया है। सीएम ने तत्काल मामले का संज्ञान लिया। लखनऊ पुलिस व प्रशासन को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। गाजीपुर थाने में दोनों आरोपियों पर केस दर्ज किया गया और बृहस्पतिवार को अंजना को मकान पर कब्जा दिलाया गया।

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फर्जी दस्तावेज तैयार किए, खुद लगाया बोर्ड

सीएम योगी आदित्यनाथ - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
आरोपियों ने मकान संबंधी फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। एक तरह से मकान अपने नाम पर कर लिया था। आरोपियों को पता था कि केवल अंजना ही हैं और वह भी वहां रहती नहीं हैं। इसलिए आसानी से कब्जा किया जा सकता है। साजिश के तहत मकान कब्जाया। मकान में अपने नाम का बोर्ड भी लगा दिया था। अंजना की तहरीर पर दर्ज एफआईआर के मुताबिक आरोपियों ने ताला तोड़कर कब्जा किया था। घर का पूरा कीमती सामान भी आरोपी लूट ले गए। कुछ जगह पर तोड़फोड़ भी की।

गाजीपुर पुलिस नहीं कर रही थी कार्रवाई
मामले में गाजीपुर पुलिस की बड़ी लापरवाही उजागर हुई। छह दिसंबर को अंजना ने गाजीपुर थाने में तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने कोई सुनवाई नहीं की। तब वह सीएम से मिलीं और समस्या बताई। सीएम के संज्ञान में आने के बाद चंद घंटे में कार्रवाई हुई। गाजीपुर पुलिस का रवैया सवालों के घेरे में है।
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नम हो गई आंखें...कहा ...थैंक्यू योगी अंकल

जब अंजना बृहस्पतिवार को घर पहुंचीं तो उनकी आंखें नम हो गईं। पूरा घर देखा, नारियल फोड़ा और दीप जलाया। आसपास की महिलाएं आ गईं उनसे लिपटर कर वह रोने लगीं। तब उन्हांने कहा कि थैंक्यू योगी अंकल, गॉड ब्लेस यू।
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