आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के संस्थापक और नगीना से सांसद चंद्रशेखर शनिवार को राजधानी लखनऊ में धरना देंगे। इसके साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में पार्टी कार्यकर्ताओं और समर्थकों से जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर जिलाधिकारी के माध्यम से ज्ञापन सौंपने का आह्वान किया है। देर रात सोशल मीडिया पर जारी संदेश में चंद्रशेखर ने स्पष्ट किया कि लखनऊ में केवल वही पदाधिकारी और कार्यकर्ता आएं, जिन्हें संगठन की ओर से बुलाया गया है। बाकी सभी कार्यकर्ता अपने-अपने जिलों में आंदोलन करें।
यह कार्यक्रम ऐसे समय हो रहा है, जब चंद्रशेखर लगातार शिक्षा व्यवस्था और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों पर आक्रामक रुख अपनाए हुए हैं। कुछ दिन पहले दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई के विरोध में वह संसद परिसर में बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा के निकट धरने पर बैठ गए थे। बारिश के बीच छाता लेकर धरने पर बैठे चंद्रशेखर की तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा में रहे। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और छात्रों की आवाज के समर्थन का प्रतीक बताया था।
लखनऊ का प्रस्तावित धरना उसी आंदोलन की अगली कड़ी माना जा रहा है। पार्टी की रणनीति केवल राजधानी तक सीमित रहने की नहीं है, बल्कि एक साथ सभी जिलों में धरना और ज्ञापन देकर सरकार पर राजनीतिक दबाव बनाने की है। इससे पार्टी अपने संगठनात्मक नेटवर्क को भी सक्रिय करने का प्रयास कर रही है।
चंद्रशेखर ने अपने संदेश में कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और जिला स्तर पर शांतिपूर्ण ढंग से कार्यक्रम आयोजित करने की अपील की है। पिछले कुछ महीनों में आजाद समाज पार्टी ने उत्तर प्रदेश में अपने जनाधार के विस्तार के लिए लगातार आंदोलनात्मक राजनीति का सहारा लिया है। मई में पार्टी ने ‘व्यवस्था परिवर्तन दिवस’ और विधानसभा स्तर तक ‘सत्ता परिवर्तन यात्रा’ चलाने की घोषणा भी की थी।