बढ़ रहे हैं तेल के दाम। सांकेतिक तस्वीर।
एफसडीए की ओर से 23 फरवरी से 26 फरवरी तक प्रदेश भर में खाद्य तेलों की गुणवत्ता जांचने का अभियान चलाया था। इस दौरान अकेले लखनऊ में ही 2 करोड़ से ज्यादा का तेल सीज किए जाने की बात सामने आई है। नाम न छापने की शर्त पर कारोबारियों ने बताया कि एफएसडीए की टीम ने बड़े पैमाने पर तेल के नमूने लेकर सीज कर दिया है। इसकी वजह से हजारों टिन खाद्य तेल गोदामों में सील पड़ा है। न तो कोई जांच की गई है, न ही कोई रिपोर्ट आई है। अगर यह तेल मार्केट में होता तो खाद्य तेल की शॉर्टेज नहीं होती।
14 दिन बीते, नहीं आई रिपोर्ट
खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की ओर से 23 से 26 फरवरी तक अभियान चला। इस हिसाब से 14 दिन हो गए जबकि 14 दिन के अंदर संगृहित नमूनों की जांच हो जानी चाहिए। खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम की धारा 142 के तहत नमूनों के विश्लेषण और रिपोर्ट जारी करने की अवधि 14 दिन तय है लेकिन अभी तक कोई रिपोर्ट नहीं दी गई है। सूत्र बताते हैं कि अभी कोई जांच नहीं की गई है। नमूनों के संग्रह सरकारी लैब में हैं। अफसर कुछ बता नहीं पा रहे हैं कि वह इन नमूनों का क्या करेंगे। सूत्र बताते हैं कि निजी लैब से जांच कराने की तैयारी है जिसके बाद सौदेबाजी की आशंका है। हालांकि, इस संबंध में खाद्य विभाग के अधिकारी कुछ भी बोलने से बच रहे हैं।