अशोक सिद्धार्थ, आकाश आनंद और मायावती
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बसपा सुप्रीमो ने कहा कि कई ज़िम्मेदार पदों पर वर्षों तक कार्यरत रहे पूर्व राज्यसभा सांसद अशोक सिद्धार्थ को पार्टी विरोधी गतिविधियों में लिप्त होने पर कुछ माह पहले पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था। उन्होंने आज सार्वजनिक तौर पर अपनी गलती की माफी मांगी है तथा आगे वफादार रहकर पार्टी मूवमेंट को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया है। उन्हें अपनी गलती का एहसास बहुत पहले हो चुका था। वह लगातार पश्चाताप भी कर रहे थे। आज सार्वजनिक तौर पर पछतावा करने पर पार्टी हित में उन्हें एक मौका दिया जाना उचित समझा गया है। उम्मीद है कि पार्टी के अन्य सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं की तरह वह भी पूरे तन, मन, धन से पार्टी व मूवमेंट को आगे बढ़ाने में अपना भरपूर योगदान देंगे।
मायावती ने बीती 12 फरवरी को दक्षिण के राज्यों के प्रभारी अशोक सिद्धार्थ पर पार्टी को पूरे देश में दो गुटों में बांटकर कमजोर करने का आरोप लगाने के बाद निष्कासित कर दिया था। साथ ही आकाश का राजनीतिक कैरियर तबाह करने की बात भी बोली थी। मायावती ने कहा था कि अशोक सिद्धार्थ को पार्टी से बाहर निकालने के बाद यह देखना होगा कि उनकी लड़की यानी आकाश आनंद की पत्नी प्रज्ञा पर इसका क्या असर पड़ता है और यह भी देखना होगा कि पत्नी का प्रभाव आकाश पर कितना पड़ता है। आकाश आनंद के ख़िलाफ़ जो कार्रवाई की गई है, उसकी ज़िम्मेदारी उनके ससुर अशोक सिद्धार्थ की है।