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यूपी: नहीं जब्त होगी अबू आजमी की बेनामी संपत्ति, निर्णायक प्राधिकारी ने खारिज किया आयकर विभाग का आदेश

Wed, 12 Mar 2025 07:09 AM IST
रोहित मिश्र अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ

सार

Abu Azmi's benami property: अबू आजमी की वाराणसी स्थित बेनामी संपत्तियों को आयकर विभाग द्वारा जब्त करने के आदेश को नई दिल्ली के निर्णायक प्राधिकारी ने खारिज कर दिया है।

 
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समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी - फोटो : एएनआई
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विस्तार
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महाराष्ट्र के सपा अध्यक्ष एवं विधायक अबू आजमी की वाराणसी स्थित बेनामी संपत्तियों को आयकर विभाग द्वारा जब्त करने के आदेश को नई दिल्ली के निर्णायक प्राधिकारी ने खारिज कर दिया है। इन संपत्तियों को आयकर विभाग ने करीब दो वर्ष पहले वाराणसी के विनायक ग्रुप के ठिकानों पर छापों में मिले पुख्ता सुबूतों के बाद जब्त किया था। निर्णायक प्राधिकारी के आदेश से हतप्रभ आयकर विभाग के अधिकारी अब अपीलीय न्यायाधिकरण में चुनौती देने की तैयारी में हैं। वहीं अबू आजमी के साझीदारों से जुड़ी फाइलों को भी दोबारा खंगाला जाएगा, ताकि बाकी बेनामी संपत्तियों पर भी कार्रवाई की जा सके।

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बता दें कि आयकर विभाग ने 15 नवंबर 2022 को वाराणसी के विनायक निर्माण ग्रुप के वाराणसी, मुंबई, इंदौर, दिल्ली और कानपुर के ठिकानों पर छापा मारा था। छापे में मिले दस्तावेजों की जांच में सामने आया कि विनायक ग्रुप में अबू आजमी ने करीब 300 करोड़ रुपये की काली कमाई को खपाया है। हालांकि अबू आजमी विनायक ग्रुप से कोई कारोबारी संबंध नहीं होने का दावा करते रहे। जांच में उनकी संलिप्तता के ठोस प्रमाण मिलने पर आयकर विभाग ने विनायक ग्रुप के संचालकों और अबू आजमी की तमाम संपत्तियों को बेनामी संपत्ति एक्ट के तहत जब्त कर लिया था, जिनमें विनायक ग्रुप द्वारा बनाए गए वरुणा गार्डन प्रोजेक्ट में अबू आजमी के बेनामी 40 फ्लैट भी शामिल थे।

 इसके अलावा विनायक प्लाजा मल्टी स्टोरी कांप्लेक्स के दो फ्लोर और बैंक खातों में जमा 4.78 करोड़ रुपये की धनराशि को भी बेनामी पाते हुए जब्त किया गया था। आयकर विभाग के तीनों आदेश में अबू आजमी को ही लाभार्थी बताया गया था। हालांकि 40 फ्लैट जब्त करने के प्रकरण में विनायक ग्रुप ने हाईकोर्ट की शरण ले ली थी। वहीं बाकी संपत्तियां जब्त करने का आदेश निर्णायक प्राधिकारी की मंजूरी के लिए भेजा गया था।
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फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र का मुकदमा भी
आयकर विभाग को जांच में वरुणा गार्डन का फर्जी पूर्णता प्रमाण पत्र भी मिला था, जिसके बाद आयकर विभाग ने वाराणसी विकास प्राधिकरण को सूचित किया। आयकर विभाग की रिपोर्ट के आधार पर प्राधिकरण की ओर से विनायक ग्रुप के संचालकों पर मुकदमा भी दर्ज कराया गया था। वहीं ईडी ने भी विनायक ग्रुप और अबू आजमी के खिलाफ मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू की थी। हालांकि, बैंक में जमा करीब 4 करोड़ की धनराशि को जब्त करने के बाद जांच ठंडे बस्ते में चली गई।

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