डॉ. अभिलाष के अनुसार, इस टेलीमॉनीटरिंग एप का विकास 500 मरीजों पर शोध और ट्रायल के साथ किया जा रहा है। एप से मरीजों के रक्तचाप और दवाओं की डोज का नियमित अपडेट लिया जाएगा। इसके बाद किडनी रोग विशेषज्ञ और एआई तकनीक की मदद से मरीजों को दवा और सही डोज के बारे में रियल टाइम में परामर्श दिया जाएगा। इससे गुर्दे की खराबी की गति को धीमा किया जा सकेगा। यदि ट्रायल सफल रहा, तो पूरे प्रदेश में टेलीमॉनिटरिंग कंट्रोल रूम स्थापित किया जाएगा और सभी अस्पतालों को एप से जोड़ा जाएगा।
किडनी की देखभाल ऐसे करें
- दर्दनिवारक दवाओं का अनावश्यक सेवन न करें।
- शराब और नमक का अधिक सेवन गुर्दे के लिए हानिकारक।
- लंबे समय तक बुखार की अनदेखी से किडनी में सूजन का खतरा बढ़ता है।
- स्वस्थ आहार, पर्याप्त पानी, योग और व्यायाम से गुर्दे को स्वस्थ रखा जा सकता है।
1.90 लाख मरीजों के लिए साबित होगा वरदान
- यूपी में प्रति दस लाख आबादी पर 800 गुर्दे के मरीज, कुल लगभग 1.90 लाख मरीज।
- देश में 14% महिलाएं और 12% पुरुष गुर्दे की बीमारी से पीड़ित हैं।