सुप्रीम कोर्ट के आदेश से प्रदेश के लगभग डेढ़ लाख शिक्षक प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि बेसिक शिक्षा विभाग और शिक्षक संगठन अभी इस डाटा को एकत्र करने में लगे हैं कि प्रदेश के कितने शिक्षक बिना टीईटी के हैं। जिनकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद से धड़कन बढ़ी हुई है।
- प्रदेश में 1.32 लाख परिषदीय विद्यालय हैं
- इन स्कूलों में 1.49 करोड़ छात्र पढ़ रहे हैं
- प्रदेश में शिक्षकों की संख्या 4.50 लाख है
- शिक्षामित्रों की संख्या 1.43 लाख है
- विद्यालयों में अनुदेशक 25 हजार हैं
बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने सीएम की ट्वीट को रि-ट्वीट करते हुए लिखा कि मुख्यमंत्री द्वारा बेसिक शिक्षा विभाग के सेवारत शिक्षकों के लिए टीईटी की अनिवार्यता से संबंधित उच्चतम न्यायालय के आदेश पर रिवीजन दाखिल करने का विभाग को निर्देश दिया गया है।
प्रदेश के शिक्षकों ने अपनी निष्ठा और सेवाभाव से न केवल ज्ञान का प्रसार किया है, बल्कि पीढ़ियों को संस्कारित कर राष्ट्र निर्माण की आधारशिला को मजबूत किया है। हमारे शिक्षकों का अनुभव और उनकी योग्यता शिक्षा व्यवस्था के सुदृढ़ीकरण में काफी महत्वपूर्ण है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश सरकार शिक्षकों के हित संरक्षण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. दिनेश चंद्र शर्मा ने कहा कि सीएम का निर्णय स्वागत योग्य एवं शिक्षक हित में है। उन्होंने कहा कि विभाग द्वारा रिवीजन में जाने से पूर्व एनसीटीई द्वारा स्पष्ट कराया जाए कि आरटीई 2009 के सेक्शन 23 (2) का संशोधन आरटीई लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों पर लागू नहीं होता है।