प्रदेश सरकार ने दीवाली से पहले श्रमिकों को तोहफा देते हुए परिवर्तनीय महंगाई भत्ते (वीडीए) की संशोधित दरों को लागू कर दिया है। इसके तहत श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी में 174.25 से लेकर 238.39 तक की वृद्धि हुई है। नई दरें एक अक्टूबर 2026 से 31 मार्च 2027 तक प्रभावी रहेंगी।
श्रम विभाग की ओर से जारी शासनादेश के अनुसार, श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी में यह संशोधन जनवरी से जून 2026 की अवधि के अखिल भारतीय उपभोक्ता मूल्य सूचकांक के औसत 431 अंकों के आधार पर किया गया है। इसका उद्देश्य महंगाई में हुए बदलाव के अनुरूप श्रमिकों को निर्धारित न्यूनतम मजदूरी का लाभ उपलब्ध कराना है।
राज्य सरकार की इस पहल से औद्योगिक इकाइयों, प्रतिष्ठानों और संबंधित अनुसूचित नियोजनों में काम करने वाले अकुशल, अर्द्धकुशल और कुशल श्रमिकों को लाभ मिलेगा। संशोधित दरों के तहत अलग-अलग क्षेत्रों में श्रमिकों की श्रेणी के अनुसार न्यूनतम मासिक मजदूरी निर्धारित की गई है।
तीनों श्रेणियों के श्रमिकों की बढ़ी मजदूरी
गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद: इन दोनों जिलों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 13,690 से बढ़ाकर 13,883.59 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 15,059 से बढ़ाकर 15,271.41 और कुशल श्रमिकों की 16,868 से बढ़ाकर 17,106.39 रुपए कर दी गई है। इससे श्रमिकों को हर महीने क्रमशः 193.59, 212.41 और 238.39 का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।
नगर निगम वाले अन्य जनपद: गौतम बुद्ध नगर और गाजियाबाद को छोड़कर नगर निगम वाले जनपदों में अकुशल श्रमिकों की मासिक मजदूरी 13,006 से बढ़ाकर 13,189.68, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 14,306 से बढ़ाकर 14,507.46 और कुशल श्रमिकों की 16,025 से बढ़ाकर 16,250.86 निर्धारित की गई है। इस श्रेणी में मासिक वृद्धि 183.68 से 225.86 तक है।
प्रदेश के अन्य जिलों में अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मासिक मजदूरी 12,356 से बढ़ाकर 12,530.25, अर्द्धकुशल श्रमिकों की 13,590 से बढ़ाकर 13,782.30 और कुशल श्रमिकों की 15,224 से बढ़ाकर 15,438.42 कर दी गई है। इससे श्रमिकों को हर महीने 174.25 से 214.42 तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा।