इस एप का उपयोग मतदान के दिन सभी पीठासीन अधिकारी करेंगे। मोबाइल नंबर पर वन टाइम पासवर्ड के जरिये वे इस एप पर जाकर लॉगइन कर सकेंगे। जो भी मतदाता वोट देने आएगा, मतदान कर्मी इस एप के माध्यम से उसका फोटो लेंगे। जैसे ही यह फोटो एप में सेव किया जाएगा, वो सिंक (संबद्ध) होकर आयोग के सर्वर पर पहुंच जाएगा। फोटो के साथ ही उस मतदाता को आयोग से मिला विशिष्ट मतदाता नंबर भी सेव हो जाएगा।
अब अगर कोई मतदाता दूसरी बार वोट देने जाएगा तो वहां भी उसका फोटो लिया जाएगा।
ऐसा होते ही एप अलर्ट जारी कर देगा कि उससे पहले उस विशिष्ट नंबर वाले मतदाता ने कहां, कब और कितने समय वोट डाला था। तब दूसरी बार मतदान करने वाले मतदाता के खिलाफ आसानी से कार्रवाई हो सकेगी। आयोग के उच्चपदस्थ सूत्रों का कहना है कि पंचायत चुनाव में 70-80 प्रतिशत मतदान होता है। एप के माध्यम से 70-80 फीसदी मतदाताओं के फोटो आयोग के सर्वर पर आ जाएंगे। इनका उपयोग बाद में फोटोयुक्त मतदाता पहचान पत्र बनाने में किया जा सकेगा।