- एससीआर में आने वाले जिलों के बीच रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य राजधानी माला योजना पर काम होगा।
- पूर्वांचल और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 90 किमी कनेक्टिंग रोड बनेगी।
- ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाने के साथ मेट्रो का विस्तार किया जाएगा।
- दिल्ली से वाराणसी वाया लखनऊ हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा।
- नए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों का विस्तार किया जाएगा।
एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार का कहना है कि एससीआर के लिए बनाईं योजनाओं का प्रेजेंटेशन शासन में हुआ है। इन्हीं के आधार पर जीआईएस आधारित महायोजना बनाई जा रही है। इसके बाद डीपीआर बनेगी और फिर उसके हिसाब से जमीन पर काम शुरू 6 होगा। इसमें अभी कई साल लग जाएंगे।
टेरिटरी मेडिकल फैसिलिटी को जानें: यह सबसे उन्नत और विशिष्ट स्तर की चिकित्सा सुविधा है। जब प्राथमिक और द्वितीय स्तर के अस्पताल किसी बीमारी का इलाज नहीं कर पाते तो मरीज को यहीं रेफर किया जाता है। यहां गंभीर और जटिल बीमारियों का इलाज होता है। साथ ही बड़ी सर्जरी की जाती है। यहां पर एमसीएच डिग्री वाले विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात होते हैं। आईसीयू, एमआरआई, सीट स्कैन, पेट स्कैन जैसी सुविधाएं मिलती हैं।
लखनऊ में बनेंगे सबसे अधिक मकान : एससीआर की प्रारंभिक रिपोर्ट में लखनऊ में करीब 13 लाख, सीतापुर में 10 लाख, हरदोई में नौ लाख, बाराबंकी में सात लाख, उन्नाव में छह लाख और रायबरेली में पांच लाख मकानों की जरूरत का आकलन है। इस मकानों को बनाने के लिए करीब 70 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी।