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UP : स्टेट कैपिटल रीजन में बनाए जाएंगे 50 लाख सस्ते मकान, 2.50 करोड़ की आबादी को आवासीय सुविधा

Tue, 14 Jul 2026 08:54 AM IST
Ishwar Ashish Bhartiya अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

यूपी में विकसित किए जा रहे स्टेट कैपिटल रीजन में आम लोगों के लिए सस्ते मकान बनाए जाएंगे। वहीं, उन्हें बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए सीतापुर में केजीएमयू, एसजीपीजीआई और एम्स की तरह 300 बेड का मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल भी बनाया जाएगा।
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लखनऊ में बनेंगे 50 लाख सस्ते मकान। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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नेशनल कैपिटल रीजन (एनसीआर) की तर्ज पर स्टेट कैपिटल रीजन (एससीआर) में जरूरतमंदों के लिए करीब 50 लाख सस्ते मकान बनाए जाएंगे। इससे करीब 2.50 करोड़ की आबादी को आवासीय सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सीतापुर में केजीएमयू, एसजीपीजीआई और एम्स की तरह 300 बेड का मल्टी सुपर स्पेशिएलिटी हॉस्पिटल (टेरिटरी मेडिकल फैसिलिटी सेंटर) बनेगा। इससे एससीआर में आने वाले छह जिलों के लोगों को इलाज के लिए एक और बेहतर विकल्प मिलेगा। एससीआर विकसित करने पर करीब पांच लाख करोड़ रुपये खर्च होंगे।

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करीब 26 हजार वर्ग किमी के क्षेत्रफल वाले एससीआर में शामिल लखनऊ, सीतापुर, उन्नाव, हरदोई, बाराबंकी और रायबरेली के बीच हाई स्पीड कनेक्टिविटी की सुविधा होगी। इसके लिए मिसिंग रोड नेटवर्क को पूरा करने के साथ रैपिड रेल, रिंग रोड व एक्सप्रेसवे का काम कराया जाएगा। एससीआर के लिए जीआईएस आधारित क्षेत्रीय महायोजना तैयार करने का काम भी तेजी से चल रहा है। इसके लिए कंसल्टेंट का चयन हो चुका है और वह विभागों के साथ मिलकर महायोजना को तैयार करने का काम कर रहा है।

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इस पर करीब 71 करोड़ रुपये खर्च होंगे और एक वर्ष में रीजनल प्लान तैयार होगा। इसके बाद कंपनी अगले पांच वर्ष की परियोजनाओं को चिह्नित करते हुए उनकी डीपीआर तैयार करेगी। इन्हें शुरू भी किया जाएगा।
एससीआर में आने वाले जिलों की कुल आबादी अभी करीब तीन करोड़ है, जो वर्ष 2051 तक 30 करोड़ से अधिक पहुंच जाएगी। इसे ध्यान में रखकर योजनाएं बनाई जा रही हैं।

लखनऊ में बनेंगे सबसे अधिक मकान : एससीआर की प्रारंभिक रिपोर्ट में लखनऊ में करीब 13 लाख, सीतापुर में 10 लाख, हरदोई में नौ लाख, बाराबंकी में सात लाख, उन्नाव में छह लाख और रायबरेली में पांच लाख मकानों की जरूरत का आकलन है। इन मकानों को बनाने के लिए करीब 70 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी।

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ये प्रमुख काम भी किए जाएंगे

- एससीआर में आने वाले जिलों के बीच रोड कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए राज्य राजधानी माला योजना पर काम होगा।
- पूर्वांचल और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को जोड़ने के लिए 90 किमी कनेक्टिंग रोड बनेगी।
- ऑर्बिटल रेल कॉरिडोर बनाने के साथ मेट्रो का विस्तार किया जाएगा।
- दिल्ली से वाराणसी वाया लखनऊ हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा।
- नए एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशनों का विस्तार किया जाएगा।

एलडीए वीसी प्रथमेश कुमार का कहना है कि एससीआर के लिए बनाईं योजनाओं का प्रेजेंटेशन शासन में हुआ है। इन्हीं के आधार पर जीआईएस आधारित महायोजना बनाई जा रही है। इसके बाद डीपीआर बनेगी और फिर उसके हिसाब से जमीन पर काम शुरू 6 होगा। इसमें अभी कई साल लग जाएंगे।

टेरिटरी मेडिकल फैसिलिटी को जानें: यह सबसे उन्नत और विशिष्ट स्तर की चिकित्सा सुविधा है। जब प्राथमिक और द्वितीय स्तर के अस्पताल किसी बीमारी का इलाज नहीं कर पाते तो मरीज को यहीं रेफर किया जाता है। यहां गंभीर और जटिल बीमारियों का इलाज होता है। साथ ही बड़ी सर्जरी की जाती है। यहां पर एमसीएच डिग्री वाले विशेषज्ञ डॉक्टर तैनात होते हैं। आईसीयू, एमआरआई, सीट स्कैन, पेट स्कैन जैसी सुविधाएं मिलती हैं।

लखनऊ में बनेंगे सबसे अधिक मकान : एससीआर की प्रारंभिक रिपोर्ट में लखनऊ में करीब 13 लाख, सीतापुर में 10 लाख, हरदोई में नौ लाख, बाराबंकी में सात लाख, उन्नाव में छह लाख और रायबरेली में पांच लाख मकानों की जरूरत का आकलन है। इस मकानों को बनाने के लिए करीब 70 हजार एकड़ जमीन की जरूरत होगी।
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