मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रत्येक ग्राम पंचायत और नगरीय निकाय में जैव विविधता रजिस्टर तैयार कराया जाए। ग्रीन चौपाल का आयोजन करके पर्यावरण-अनुकूल जीवनशैली को अपनाने, कृषि वानिकी व टिकाऊ कृषि मॉडल को प्रोत्साहित करने और पारंपरिक पर्यावरणीय ज्ञान को पुनर्स्थापित करने के प्रयास हों। प्रत्येक गांव में कम से कम एक ग्राम-वन की स्थापना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित की जाए। निर्देश दिया कि बहराइच, लखीमपुर खीरी, पीलीभीत और बिजनौर जैसे जिलों में सोलर फेंसिंग की प्रभावी व्यवस्था की जाए। सीएम ने कहा कि वन सेवा के सभी संवर्गों में रिक्त पदों को शीघ्र भरा जाए। यदि कहीं नीतिगत अड़चन हो, तो तत्काल मुख्यमंत्री कार्यालय को अवगत कराया जाए।