विश्व पर्यावरण दिवस (5 जून) पर 5 करोड़ से अधिक पौधे लगाए गए थे। 12 जुलाई की फिगर को भी जोड़ दें तो इन दोनों दिन में कुल 40,29,36,367 पौधे उत्तर प्रदेश में लगाए गए।
सर्वाधिक रोपित 5 प्रजातियां
शीशम: 46738099
सागौन: 41399061
जामुन: 22846329
अमरूद: 18074031
अर्जुन: 15175482
मंत्री आशीष पटेल ने मिर्जापुर, योगेंद्र उपाध्याय ने आगरा, लक्ष्मी नारायण चौधरी ने मथुरा, जयवीर सिंह ने फिरोजाबाद, धर्मपाल सिंह ने बरेली, नंदगोपाल गुप्ता ‘नंदी’ ने प्रयागराज, अनिल राजभर ने चंदौली, राकेश सचान ने कानपुर नगर, एके शर्मा ने आजमगढ़, संजय निषाद ने अंबेडकरनगर, दारा सिंह चौहान ने मऊ, सुनील कुमार शर्मा ने गौतम बुद्धनगर, मनोज पांडेय ने प्रतापगढ़ और अनिल कुमार ने बिजनौर में पौधरोपण किया।
मुख्य सचिव एसपी गोयल, मुख्यमंत्री के अपर प्रमुख सचिव संजय प्रसाद, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग की प्रमुख सचिव वी. हेकाली झिमोमी, वन बल प्रमुख सुनील चौधरी, प्रमुख मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुरोधा वेमुरी ने भी पौधरोपण कर संदेश दिया।
सपा अध्यक्ष और मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा कि भाजपा के लिए पौधरोपण दरअसल ‘भ्रष्टारोपण’ का कार्यक्रम है। ये 35 करोड़ पेड़ लगाने का नहीं बल्कि प्रत्येक पेड़ से कम-से-कम 10 रुपये यानी 350 करोड़ रुपये कमाने की भाजपा की गुप्त योजना है।
अखिलेश यादव ने जारी बयान में कहा कि जिन्होंने प्रभु का दरबार नहीं छोड़ा, वे बगीचा और बाग क्या छोड़ेंगे। भाजपा सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। हर विभाग और हर कार्य में भ्रष्टाचार और लूट है। भाजपा सरकार में योजनाएं भ्रष्टाचार करने के लिए बनाई जाती हैं। सरकार ने 10 साल में कागजों पर ही पेड़ लगाए हैं। इनके पेड़ जमीन पर नहीं दिखाई देते हैं। जो कहीं लगे भी, वो पानी के बगैर सूख गए।
उन्होंने कहा कि इस सरकार में पेड़ और वनों की अवैध कटाई हो रही है। पर्यावरण के लिए गंभीर संकट पैदा होता जा रहा है। वायु प्रदूषण के साथ जल प्रदूषण बड़ी समस्या के रूप में सामने आ रही है। भाजपा सरकार ने नदियों की सफाई का झूठा वादा किया। नदियों की सफाई के लिए आया बजट भी भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गया। सपा सरकार में लखनऊ में गोमती नदी की सफाई की गई थी। विश्वस्तरीय गोमती रिवरफ्रंट बनाकर नदियों की सफाई का उदाहरण प्रस्तुत किया, लेकिन भाजपा सरकार ने गोमती रिवरफ्रंट को बर्बाद कर दिया।