रिपोर्ट के अनुसार 31 मार्च 2023 तक बिक्री, व्यापार आदि पर कर, राज्य आबकारी, वाहनों पर कर तथा स्टाम्प एवं निबंधन शुल्क से संबंधित कुल 36,241.90 करोड़ का राजस्व बकाया था। अकेले स्टाम्प राजस्व की 15,293.15 करोड़ की राशि पांच वर्ष से अधिक समय से बकाया थी। रिपोर्ट में उल्लेख है कि बार-बार अनुस्मारक भेजे जाने के बावजूद खनन विभाग ने बकाया राजस्व के आंकड़े उपलब्ध नहीं कराए गए।
नियमों के विपरीत 571 डॉक्टरों को मिला एनपीए
स्वास्थ्य विभाग में गैर-प्रैक्टिसिंग भत्ता (एनपीए) के भुगतान में गंभीर अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। विधानसभा में बुधवार को पेश कैग की रिपोर्ट के अनुसार, वर्ष 2018 से 2024 के बीच 571 सरकारी डॉक्टरों को नियमों के विपरीत एनपीए दिया गया, जिससे सरकार को 16.93 लाख रुपये का वित्तीय नुकसान हुआ। रिपोर्ट में बताया गया कि प्रदेश में डॉक्टरों को मूल वेतन का 20% एनपीए दिया जाता है, लेकिन मूल वेतन और एनपीए मिलाकर मासिक राशि 2.37 लाख रुपये से अधिक नहीं होनी चाहिए। इसके बावजूद निर्धारित सीमा से अधिक वेतन पाने वाले 571 डॉक्टरों को भी एनपीए का भुगतान किया गया। इसके अलावा 1660 मामलों में एनपीए की दर 21 प्रतिशत तक दी गई, जिसे कैग ने नियमों का उल्लंघन माना है। ब्यूरो