विधान परिषद के लखनऊ खंड स्नातक एवं शिक्षक निर्वाचन-2026 के लिए शुक्रवार को मतदान होगा। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों में कुल 1,16,491 वोटर मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे। इसके लिए बनाए गए 259 बूथों पर बृहस्पतिवार सुबह 10 बजे रमाबाई रैली स्थल से पोलिंग पार्टियां मतपेटिका और मतपत्र के साथ रवाना हुईं। जिलाधिकारी विशाख जी. ने बताया कि मतदान सुबह आठ से शाम चार बजे तक होगा।
जिले के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 96,070 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 20,421 मतदाता हैं। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के लिए कुल 259 मुख्य और सहायक मतदान बूथ बनाए गए हैं। सरोजनीनगर में सबसे अधिक 16,935 मतदाता हैं। इसके बाद लखनऊ पूर्व में 15,740 और बख्शी का तालाब में 13,457 मतदाता हैं। लखनऊ उत्तर में 11,791 और लखनऊ पश्चिम में 11,052 मतदाता हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सरोजनीनगर में 3585, लखनऊ पश्चिम में 3383 और लखनऊ उत्तर में 3253 मतदाता हैं। डीएम ने बताया कि मतदाताओं को पहचान पत्र साथ रखना होगा। सील मतपेटियां आशियाना स्थित रमाबाई रैली स्थल के संग्रहण केंद्र पहुंचाई जाएंगी। मतगणना 27 अक्तूबर को होगी।
वोटर कार्ड नहीं तो ये दस्तावेज मान्य
वोटर कार्ड नहीं होने पर मतदाता का आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, सरकारी सेवा का पहचान पत्र, डिग्री या डिप्लोमा का मूल प्रमाणपत्र, दिव्यांगता प्रमाणपत्र और यूडीआईडी कार्ड समेत निर्धारित वैकल्पिक दस्तावेज में से कोई एक मान्य होगा। मतपत्र पर निशान लगाने के लिए पीठासीन अधिकारी की ओर से उपलब्ध कराया बैंगनी रंग का स्केच पेन ही इस्तेमाल करना होगा। मतदाता अपने पेन का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे।
बूथ के 100 मीटर के दायरे में पाबंदी
मतदान केंद्र के 100 मीटर के दायरे में टेबल, पोस्टर, झंडे, लाउडस्पीकर और प्रचार सामग्री प्रतिबंधित रहेगी। अनधिकृत वाहन खड़े करने और भीड़ जुटाने की भी अनुमति नहीं होगी।
हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने बृहस्पतिवार को चुनाव आयोग के आश्वासन पर लखनऊ डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद चुनाव में मतदान की कार्यवाही की निरंतर वीडियोग्राफी की मांग वाली याचिका का निपटारा कर दिया। क्योंकि, केंद्रीय निर्वाचन आयोग ने अदालत को आश्वासन दिया कि रिटर्निंग अफसरों के लिए निर्धारित नियमों के अनुसार वीडियोग्राफी की जाएगी।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अबधेश कुमार चौधरी की खंडपीठ ने प्रतिवादियों की ओर से दिए गए आश्वासन के कथन के आधार पर 22 अक्टूबर को याचिका का निपटारा कर दिया।
याचिकाकर्ता शैलेंद्र सिंह ने कहा कि वह लखनऊ डिवीजन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से उत्तर प्रदेश विधान परिषद के चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं। प्रतिपूर्ति अधिकारी द्वारा 9 अक्टूबर, 2026 को जारी प्रपत्र 7बी में उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम क्रमांक 13 पर है। उनकी शिकायत चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता से संबंधित है। इसके मद्देनजर उन्होंने मतदान की कार्यवाही की निरंतर वीडियोग्राफी की मांग की थी।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी के निर्देशों पर, केंद्रीय चुनाव आयोग के वरिष्ठ वकील ने प्रारंभ में ही कोर्ट को बताया कि उपरोक्त पुस्तिका के अनुच्छेद 49 के अनुपालन के लिए पहले ही प्रावधान किया जा चुका है और वीडियोग्राफी उक्त पुस्तिका में दिए गए प्रावधानों के अनुसार की जाएगी। उनका यह कथन दर्ज करते हुए खंडपीठ ने कहा, "तदनुसार, इस न्यायालय के समक्ष प्रतिवादियों की ओर से दकिए गए कथन के आधार पर रिट याचिका का निपटारा किया जाता है।"