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यूपी-100 की टीम ने दिखाई मुस्तैदी, नवजात को दे दी नई जिंदगी

Thu, 05 Apr 2018 02:07 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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- फोटो : डेमो
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उसे दुनिया में आए 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि किसी अपने ने पॉलीथिन में लपेट कर पुलिया के नीचे फेंक दिया। कुदरत को कुछ और मंजूर था। लखनऊ में एक चरवाहे की सूचना पर यूपी-100 की टीम ने सक्रियता दिखाई और सही समय पर बच्चे को अस्पताल पहुंचा दिया।
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फिलहाल डॉक्टरों की टीम बच्चे की देख-रेख में जुटी है। इंस्पेक्टर मड़ियांव अमरनाथ वर्मा ने बताया कि गांव सैदपुर में हनुमान टेकरी पुलिया के पास मंगलवार सुबह भैंस चराने निकले मुन्नालाल ने पुलिया के नीचे पॉलीथिन में लिपटा नवजात देखा।

शोर मचाकर ग्रामीणों को जानकारी दी। गांव के विपिन तिवारी ने पुलिया के नीचे फेंके गए नवजात की सांसें चलते देख 9:19 बजे पुलिस कंट्रोल रूम कॉल की। पीआरवी 0495 की टीम आननफानन में मौके पर पहुंची।
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टीम कमांडर एचसीपी रामानंद सिंह व सब कमांडर कांस्टेबल नरेश चंद्र पांडेय ने माजरा समझा और गांव की दो महिलाओं की मदद से नवजात को पॉलीथिन से निकालकर साफ कपड़े में लपेटा और उच्चाधिकारियों को मामले की जानकारी देते हुए टीम के पायलट चंद्रपाल रावत की मदद से उसे वीरांगना अवंतीबाई अस्पताल ले जाकर भर्ती कराया।
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...तो लोकलाज के भय से फेंका नवजात

अस्पताल में चल रहा नवजात का इलाज - फोटो : अमर उजाला
डॉक्टरों ने बच्चे की सफाई करके डॉयलिसिस पर रखा है। पुलिस अधिकारियों ने तुरंत सूचना देने के लिए विपिन तिवारी की सराहना की और नवजात को पुलिस टीम की पीठ थपथपाई। बच्चे की देखभाल के लिए चाइल्ड लाइन को सूचना दी गई है। 

इंस्पेक्टर ने दो चौकी इंचार्ज समेत छह पुलिसकर्मियों को नवजात को फेंकने वालों की तलाश में लगाया है। शक है कि अविवाहित युवती द्वारा बच्चे को जन्म दिए जाने पर उसे जीवित अवस्था में फेंका गया।

हनुमान टेकरी पुलिया से कुछ दूरी पर नवनिर्मित अस्पताल से लेकर अन्य स्थानों पर छानबीन की गई। नवजात को फेंके जाने से आक्रोशित ग्रामीणों से भी फेंकने वाले का पता लगाकर पुलिस की मदद करने को कहा गया। 
 
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