केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर में भर्ती उन्नाव रेप पीड़िता के वकील को मंगलवार सुबह कड़ी सुरक्षा के बीच दिल्ली एम्स शिफ्ट कराया गया। अफसर ग्रीन कारीडोर बनाकर उसे एंबुलेंस से एयरपोर्ट तक ले गए। इस दौरान 33 किमी का सफर महज 40 मिनट में तय किया गया।
केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर के क्रिटिकल केयर यूनिट में बीते 28 जुलाई से ट्रॉमा सेंटर में उन्नाव रेप पीड़िता व उसके घायल वकील का इलाज चल रहा था। ट्रॉमा सेंटर में करीब 10 दिन तक वकील भर्ती रहे। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सोमवार को रेप पीड़िता को दिल्ली एम्स भेजा गया था।
मंगलवार सुबह करीब 10 बजकर 28 मिनट पर घायल वकील को ग्रीन कारीडोर बनाकर एयरपोर्ट तक ले जाया गया। स दौरान ग्रीन कॉरिडोर बनाया गया। 33 किलोमीटर का सफर एंबुलेंस ने करीब 40 मिनट में तय किया। घायल वकील के साथ केजीएमयू वेंटिलेटर यूनिट के डॉ. राम गोपाल को भेजा गया है ताकि रास्ते में उनकी सेहत पर नजर बनाई रखी जा सके। दोपहर करीब 12:35 मिनट पर वकील को एम्स में शिफ्ट करा दिया गया।
वकील अभी भी खतरे से बाहर नहीं
केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. संदीप तिवारी ने बताया कि दुष्कर्म पीड़िता की हालत में अब सुधार है मगर घायल वकील की हालत अभी भी नाजुक बनी है। उन्हें वेंटिलेटर से हटा दिया गया है। सिर में चोट की वजह से वह अभी भी खतरे से बाहर नहीं हैं। वह अभी भी कोमा में हैं। उनके गले में छोटा सुराख कर ट्यूब डालकर ऑक्सीजन दी जा रही है।