उन्नाव रेप पीड़िता के साथ हुए सड़क हादसे की जांच कर रही सीबीआई ने सोमवार को केस में नामजद कई लोगों से पूछताछ की। इनमें 15 पुलिस कर्मी और तीन अन्य लोग शामिल थे। जबकि रिमांड पर लिए ट्रक ड्राइवर मोहन श्रीवास और क्लीनर आशीष पाल का सवेरे केजीएमयू में मेडिकल भी कराया गया। इसके बाद दोनों को सीबीआई दफ्तर में लाकर पूछताछ की गई।
सीबीआई ने पीड़िता की सुरक्षा में तैनात तीनों गनर कांस्टेबल सुदेश पटेल, सुनीता और रूबी से पीड़िता की सुरक्षा के साथ-साथ उसके साथ पूर्व में हुई किसी तरह की घटना के बारे में भी जानकारी हासिल की। सीबीआई ने मोरंग बेचने वाले बांदा के सोहराब को भी लखनऊ बुलाया था। सोहराब ने सीबीआई के अधिकारियों को बयान दर्ज कराया।
सूत्रों का कहना है कि सीबीआई ने पीड़िता की लगातार शिकायतों पर कार्रवाई न करने के मामले में माखी थाने के 12 पुलिस कर्मियों को लखनऊ बुलाया था। इन लोगों से अलग-अलग पूछताछ की गई। पीड़िता के चाचा की एफआईआर में बताया गया था कि बीते एक वर्ष के दौरान पीड़िता को धमकी मिलने की जो शिकायतें थाने स्तर पर की गई थीं, उस पर स्थानीय पुलिस ने क्या एक्शन लिया, इस पर सीबीआई ने थाने के अलग अलग पुलिस कर्मियों से सवाल किए।