उन्नाव दुष्कर्म मामले में सीबीआई की टीम सभी पहलू खंगालने में जुटी है। सोमवार को उसने चाची के शव का पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों की मदद ली। डॉक्टरों ने शरीर पर लगी चोटों का हादसे से मिलान किया। साथ ही पड़ताल के लिए सीबीआई की अगुवाई में सेंट्रल रोड रिसर्च इंस्टीट्यूट (सीआरआरआई) और आईआईटी दिल्ली की मैकेनिकल विभाग की टीम घटनास्थल पर पहुंची।
दोनों ने सच जाने के लिए सबूत खंगाले। हाईवे पर बाकायदा नापजोख भी की। साथ ही घटनास्थल का पूरा नक्शा बनाया। जिस ट्रक से टक्कर के बाद पीड़िता की चाची-मौसी की मौत हुई थी, टीम ने उस वाहन को भी बारीकी से जांचा। कई घंटे की पड़ताल के बाद टीम वापस लौट गई।
सीबीआई के इंस्पेक्टर हेमंत राय की अगुवाई में सोमवार पूर्वाह्न 11 बजे सीआरआरआई और आईआईटी की टीम घटनास्थल पर पहुंची। सबसे पहले दोनों टीमों ने घटनास्थल का जायजा लिया। घटनास्थल वाले स्थान की फीते से नापजोख कराई। घटना के दौरान ट्रक किस ओर जा रहा था, कार किधर जा रही थी, इस बारे में विवेचक राकेश सिंह से जानकारी ली। टीम ने शाम पांच बजे तक घटना स्थल पर रुककर बाकायदा नापजोख करने के साथ ही नक्शा तैयार कराया।
टीम ने जानने का प्रयास किया कि आखिर यह घटना हादसा थी या फिर साजिश थी। घटना स्थल से अहम सबूत खोजे। जिस स्थान पर वाहन आपस में टकराए थे, उसे चेक किया। कार और ट्रक की भी पड़ताल की। घटनास्थल का जायजा लेने और नापजोख करने के बाद दोनों टीमों के अधिकारियों ने आपस में घटना को लेकर चर्चा की। लेकिन मीडिया से कुछ भी बताने से इंनकार किया।
गौरतलब है कि 28 जुलाई को गुरुबख्शगंज थाना क्षेत्र में कानपुर हाईवे पर ट्रक और कार की टक्कर में उन्नाव कांड की पीड़िता की चाची-मौसी की मौत हो गई थी। स्वयं पीड़िता और उनका वकील गंभीर रूप से घायल हैं।
पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों से भी पूछताछ
पीड़िता की चाची के शव का पोस्टमार्टम करने वाले चिकित्सकों से भी सीबीआई ने पूछताछ करना शुरू कर दी है। सोमवार को पोस्टमार्टम करने वाले दो चिकित्सकों को लखनऊ तलब करके सीबीआई ने पूछताछ की। सीबीआई ने चिकित्सकों से पूछा कि पीड़िता की चाची की मौत कैसे हुई। शरीर के किस हिस्से में कितनी चोटें थीं। हादसे के कितनी देर बाद चाची की मौत हुई। चिकित्सकों ने सीबीआई को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में पूरी जानकारी दी।
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने बताया कि पीड़िता की चाची के शव का पोस्टमार्टम यहीं पर हुआ था। डॉ. भावेश यादव, भूपेंद्र सिंह ने शव का पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बारे में पूछताछ के लिए दोनों चिकित्सकों को सीबीआई ने लखनऊ बुलाया था।
दुकानदारों के दर्ज किए कलम बंद बयान
सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद सीबीआई उन्नाव कांड की जांच तेजी से कर रही है। यही वजह है कि सीबीआई सोमवार को घटना स्थल पर चौथी बार पहुंची। टीम के अधिकारियों ने दुकानदार अर्जुन यादव, संजय, विपिन, विशाल, गया प्रसाद के कलम बंद बयान दर्ज किए। दुकानदारों ने बताया कि घटना वाले दिन ट्रक की स्पीड बहुत तेज थी जबकि, बारिश हो रही थी। इसी दौरान ट्रक और कार के टकराने पर हादसा हुआ था। घटना के बाद चालक और क्लीनर मौके से भाग गए थे।