निवेशकों को इंडस्ट्री लगाने के लिए आसानी से जमीन मिल सके, इसके लिए सीलिंग से जुड़े प्रावधान बदले जाएंगे। अभी 12.5 एकड़ से अधिक जमीन खरीदने पर शासन से अनुमति लेनी पड़ती है। सरकार सीलिंग से अधिक जमीन होने पर खरीद की अनुमति देने का अधिकार डीएम व कमिश्नर को भी देगी। इससे निवेशकों को जमीन केलिए शासन तक अनावश्यक दौड़ नहीं लगानी पड़ेगी। इन्वेस्टर्स समिट से पहले सरकार यह महत्वपूर्ण कदम उठाने जा रही है।
सभी के लिए खुलेगी कांट्रैक्ट फार्मिंग की राह
तीसरा महत्वपूर्ण संशोधन कांट्रैक्ट फार्मिंग से जुड़ा है। वर्तमान में शर्तों के साथ ही इसकी इजाजत है। मसलन, यदि पति की मृत्यु हो गई तो पत्नी कांट्रैक्ट (मौजूदा स्वरूप बटाई) पर खेती के लिए जमीन दे सकती है। इसी तरह यदि पति सेना में है तो पत्नी खेती के लिए दूसरे को जमीन दे सकती है। अभी चुनिंदा लोगों को यह सुविधा प्राप्त है। अब सरकार सभी को कांट्रैक्ट फार्मिंग की सुविधा देने पर विचार कर रही है। इससे किसान जहां अपनी आवश्यकता से अधिक खेत किसी को तय शर्तों पर देकर आय प्राप्त कर सकेगा, वहीं निवेशक ग्रामीण क्षेत्रों में उन्नत खेती के लिए किसानों से सहमति के आधार पर जमीन ले सकेंगे।