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अब विश्वविद्यालयों की छवि सुधारेंगे सोशल मीडिया चैंपियन

Mon, 12 Aug 2019 01:42 AM IST
लखनऊ ब्यूरो अक्षय कुमार, लखनऊ
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मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) ने विश्वविद्यालयों को अपने विद्यार्थियों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म से जोड़ने और उच्च शिक्षण संस्थानों को आपस में व मंत्रालय से जोड़ने के लिए सोशल मीडिया पर सक्रियता बढ़ाने को कहा है। इसके तहत जहां उन्हें ‘सोशल मीडिया चैंपियन’ बनाने का सुझाव दिया है। वहीं विश्वविद्यालय सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट भी सक्रिय करेंगे। साथ ही हर सप्ताह की एक उपलब्धि को भी शेयर करेंगे। इससे विश्वविद्यालयों की छवि में सुधार भी होगा।
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मंत्रालय की ओर से विश्वविद्यालयों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि यह आपस में एक-दूसरे से जुड़ने और विद्यार्थियों को जोड़ने का बेहतर प्लेटफॉर्म है। हर विश्वविद्यालय अपने किसी एक फैकल्टी या नॉन फैकल्टी सदस्य को सोशल मीडिया चैंपियन बनाए। संस्थान अपना ट्वीटर, फेसबुक, इंस्ट्राग्राम अकाउंट बनाएंगे। आने वाले समय में मंत्रालय की ओर से इस पर बेहतर काम करने वाले विश्वविद्यालय को पुरस्कृत करने की भी योजना है। कुछ घटनाओं ने पिछले कुछ वर्षों में विश्वविद्यालयों की छवि को धूमिल किया है। फिर चाहे पिछले वर्ष बीबीएयू व लविवि में हुए छात्र आंदोलन रहे हों या पुनर्वास विश्वविद्यालय की अव्यवस्थाएं। इनके माध्यम से जहां विश्वविद्यालयों की छवि को सुधारने का मौका मिलेगा। वहीं मंत्रालय इन पर सीधे निगाह भी रख सकेगा।

बीबीएयू ने बनाया चैंपियन, अकाउंट भी खोले
इस क्रम में बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर केंद्रीय विश्वविद्यालय (बीबीएयू) ने अपने यहां आईटी विभाग की डॉ. अलका को ‘सोशल मीडिया चैंपियन’ मनोनीत भी कर दिया है। वहीं सोशल मीडिया पर अपने अकाउंट भी खोल दिए हैं। साथ ही प्रो. गोविंद पांडेय की अध्यक्षता में एक सोशल मीडिया कमेटी का गठन भी किया है। जो इस पर सक्रियता से काम करेगी। प्रो. पांडेय ने बताया कि इसका उद्देश्य विश्वविद्यालयों की बेस्ट प्रैक्टिसेज को सामने लाना।
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लविवि-एकेटीयू पहले से ट्वीटर पर सक्रिय
लखनऊ विश्वविद्यालय और डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) पहले से ट्वीटर पर सक्रिय हैं। दोनों विश्वविद्यालयों के अपने अकाउंट हैं। लविवि में सांस्कृतिकी का फेसबुक पेज भी है। विवि प्रवक्ता प्रो. एनके पांडेय ने कहा कि मंत्रालय के निर्देश पर इसे और सक्रियता दी जाएगी। एकेटीयू तो ट्वीटर पर आने वाले शिकायतों का प्रतिदिन निस्तारण भी कराता है। उनका यूपीएसईई का अलग ट्वीटर अकाउंट है। कई अधिकारी भी ट्वीटर पर सक्रिय रहते हैं।

उर्दू विवि भी करेगा कवायद
ख्वाजा मुईनुद्दीन चिश्ती उर्दू, अरबी-फारसी विश्वविद्यालय की प्रवक्ता डॉ. तनु डंग ने बताया कि एमएचआरडी का यह पत्र विश्वविद्यालय को मिला है। इस पर कवायद भी शुरू हो गई है। हालांकि विश्वविद्यालय का फेसबुक पेज पहले से सक्रिय है। समय-समय पर होने वाले आयोजनों आदि की जानकारी व न्यूज कटिंग इस पर अपलोड की जाती हैं। विद्यार्थी भी इस पेज पर जुड़े हुए हैं।
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