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यूपी में कोरोना रोकथाम के लिए अनूठी पहल, अधिकार फोन कर पूछ रहे- हेलो प्रधान जी! आपके क्षेत्र में कोई विदेश या बाहर से आया क्या

Thu, 26 Mar 2020 10:24 PM IST
Mohit Mudgal अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

  • अफसर प्रधानों को फोन कर पूछ रहे, आपके  क्षेत्र में कोई विदेश या बाहर से आया क्या
  •  गांव-गांव कोरोना संक्रमितों को ढूंढने का अभियान शुरू, इलाज का बंदोबस्त भी करा रहे
  • सीएम हेल्पलाइन से सभी 58,906 ग्राम पंचायतों के प्रधानों को भेजा गया संदेश
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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हेलो प्रधान जी! हम मुख्यमंत्री के निर्देश पर कोरोना महामारी से बचाव के लिए आपसे सहयोग के लिए बात कर रहे हैं। आपके गांव में कोई विदेश या बाहर से आया है क्या? अगर आया है तो क्या वह खांसी, बुखार, जुखाम से परेशान है? यदि ऐसा है तो उसका नाम-पता करके सीएम हेल्पलाइन-1076 पर बताएं। संक्रमण से ग्रस्त व्यक्ति को समझाएं कि वह परिवार व अन्य लोगों से दूरी बनाए रहे। घर में ही रहें, बिल्कुल भी बाहर न निकलें। जब तक जांच न हो जाए पूरी सावधानी बरतें। सलाह का पालन करें।

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यह तस्वीर है गोमतीनगर स्थित मुख्यमंत्री हेल्पलाइन-1076 में बनाए गए कंट्रोल रूम की। यहां से कोरोना वायरस के संक्रमण की रोकथाम व प्रबंधन को लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा दिए गए निर्देशों की फील्ड में की जा रही कार्रवाई का फीडबैक प्राप्त करने व संक्रमण संदिग्ध लोगों की पहचान व उनके इलाज को लेकर जरूरी सलाह व निर्देश देकर मदद की जा रही है। यहां एक साथ 500 कर्मी काम कर सकते हैं, लेकिन सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एक साथ 250 कर्मी काम कर रहे हैं।

यह टीम सचिव मुख्यमंत्री आलोक कुमार के निर्देशन में काम कर रही है। इसमें विशेष सचिव मुख्यमंत्री अविनाश कुमार व दो अन्य आईएएस अधिकारियों सत्येंद्र कुमार व रमेश रंजन शामिल हैं। कंट्रोल रूम के सदस्य व अधिकारी यहां कभी भी प्रधानों, बाहर से घर लौटे लोगों, उनके परिजनों और इलाज की व्यवस्था के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से बात करते देखे जा सकते हैं। सीएम हेल्पलाइन पर संक्र्तमण संदिग्ध के बारे में आने वाली सूचनाओं पर टीम पूरी तरह सक्र्तिय नजर रख रही है।
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आलोक कुमार ने बताया कि अब तक 35 हजार से अधिक प्रधानों से कंट्रोल रूम संपर्क  कर चुका है। लगातार बात की जा रही है। इसी तरह अब  स्थानीय नगर निकायों में नगर निगमों, नगर पालिका परिषदों व नगर पंचायतों के सभासदों को संदेश भेजकर संवाद शुरू किया जा रहा है।

कोरोना के लक्षण की पहचान, जांच व इलाज का भी बताते हैं तरीका

कंट्रोल रूम के अधिकारी प्रधानों को संक्र्तमण संदिग्ध  लोगों की पहचान के लिए  कोरोना से संबंधित लक्षण व बचाव के तरीके भी बताते हैं। ऐसे लोगों की किस तरह निगरानी की जानी है, यह भी समझाते हैं। कोरोना के लक्षण के मेल खाने पर तत्काल  जिले के मुख्य चिकित्सा अधिकारी  से संपर्क करने की सलाह देते हैं और कंट्रोल रूम से भी  सीएमओ को  संबंधित गांव  के प्रधान व परिवार से संपर्क कर समुचित जांच व इलाज का निर्देश दे दिया जाता है ।

बातचीत कर एसओपी भी बनाएंगे

सीएम हेल्पलाइन पर प्रधानोंए संक्र्तमण से प्रभावित परिवारों व मरीजों की ओर से आने वाले फोन पर हो रहे संवाद का विश्लेषण भी किया जा रहा है। इसके आधार पर एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) भी तैयार करने की योजना है। इससे प्रदेश भर में देश के विभिन्न हिस्सों से लौटे लोग किस तरह संक्र्तमित हुए, जाना जा सकेगा। इससे जांच व इलाज की जरूरत समझने में आसानी होगी।
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जांच की लैब बढ़वाने की भी मुहिम,  लखनऊ-कानपुर में बढ़ेंगे नए लैब

सरकार कोरोना की जांच के ज्यादा से ज्यादा लैब बढ़वाने की मुहिम में भी प्रयासरत है। इसके लिए अच्छे ट्रैक रिकॉर्ड वाले प्राइवेट लैब को जोड़वाने की कोशिश हो रही है। सचिव मुख्यमंत्री आलोक इसके लिए इंडियन काउंसिल आफ  मेडिकल रिसर्च (आईसीएमआर) व केंद्र सरकार से समन्वय कराने का काम कर रहे हैं। लखनऊ में दो व कानपुर में एक प्राइवेट लैब में जल्दी ही कोरोना जांच की सुविधा शुरू सकती है।

प्रधानों, सभासदों को भेजा गया ये संदेश

यदि आपके क्षेत्र में किसी व्यक्ति को कोरोना बीमारी के लक्षण जैसे सूखी खांसी, बुखार एवं सांस लेने में तकलीफ  हो तथा किसी देश/अन्य प्रदेश की यात्रा से लौटा हो, तो कृपया सीएम हेल्पलाइन नंबर 1076 पर तत्काल संपर्क करें।

जिलों के कंट्रोल रूम की भी मानीटरिंग शुरू

मुख्यमंत्री के निर्देश पर लोगों की मदद के लिए जिला स्तर पर बनाए गए कंट्रोल रूम की भी आज से मुख्यमंत्री कार्यालय ने मानीटरिंग शुरू कर दी। मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों ने प्रदेश के लगभग सभी कंट्रोल रूम से संपर्क कर उनके नोडल अधिकारियों व वरिष्ठ अधिकारियों से बात की। कंट्रोल रूम से संवाद के तौर तरीके व कार्यप्रणाली के बारे में जानकारी प्राप्त की और लोगों की संवेदनशीलता के साथ मदद के लिए जरूरी निर्देश दिए। प्रदेश के सभी जिलों के कंट्रोल रूम के फोन नंबर व नोडल अधिकारियों के नाम भी जारी कर दिए गए हैं।
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