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केंद्रीय पर्यटन मंत्री बोले- 'आगरा शहर एक स्लम है', अतिक्रमण और खराब सड़कों पर जताई नाराजगी

Sat, 22 Sep 2018 03:26 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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अल्फोंस कन्नाथनम
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ताजमहल के लिए विश्व में विख्यात आगरा को केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री के अल्फोंस ने एक स्लम बताया है। आगरा की गंदगी, बिगड़ी यातायात व्यवस्था और सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण पर सख्त लहजे में नाराजगी जाहिर करते हुए अल्फोंस ने कहा कि हर मामले में सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेने से कुछ नहीं होगा। यदि नगर निगम के अधिकारी काम नहीं कर सकते हैं तो घर जाएं।
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के अल्फोंस शुक्रवार को राजधानी में कानपुर रोड स्थित एक पांच सितारा होटल में फेडरेशन ऑफ होटल रेस्टोरेंट एसोसिएशन ऑफ इंडिया के 53वें वार्षिक कन्वेंशन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि आगरा के लिए उनके  मन में पूरा सम्मान है।

लेकिन, यह कहने में संकोच नहीं है कि आगरा शहर एक स्लम है। यहां सड़कें बकवास हैं, ड्रेनेज की व्यवस्था नहीं है, हाईवे से आगरा में प्रवेश करते समय कोई ड्रेनेज नहीं है। यह सब देखने में डरावना लगता है।
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उन्होंने कहा, सड़क के दोनों ओर अतिक्रमण हैं, इसलिए यातायात व्यवस्था बिगड़ी हुई, पूरी तरह अराजकता है। कहा, मुझे माफ कीजिएगा, लेकिन इसे व्यवस्था को बदलना होगा।

 

अल्फोंस ने कहा कि आगरा के मामले में  कभी भी सुप्रीम कोर्ट की आड़ लेकर दोषारोपण नहीं कर सकते कि शीर्ष अदालत कुछ नहीं करना देती है। क्या सुप्रीम कोर्ट आपको ड्रेनेज साफ करने से रोकता है? क्या वह अतिक्रमण हटाने से रोकता है?

पैदल नागरिकों के लिए फुटपाथ बनाने से रोकता है? सड़कें साफ रखने से भी रोकता है ? उन्होंने कहा कि जब  वह आगरा से फतेहपुर सीकरी तक की 40 किलोमीटर दूरी तय करने में उन्हें डेढ़ घंटा लगा।  

यह उनके लिए एक डरावने सपने जैसा था। इसके बाद मैंने कुछ भी देखने से मना कर दिया। अल्फोंस ने कहा कि जब वह डीडीए आयुक्त थे तब दिल्ली जैसी जगह में माफिया से 14,310 अवैध अतिक्रमण और अवैध निर्माण मुक्त करवाए। कहा कि बहाने बहाने से काम नहीं चलेगा। कोई कहेगा यह मुश्किल है। लेकिन पेपर वर्क पूरा कर बुलडोजर लेकर जाइये सब आसान होगा।

समस्या अपने आप सुलझ जाएगी। उन्होंने कहा, सफाई करना, अतिक्रमण हटाना, ड्रेनेज सिस्टम ठीक करना नगर निगम की जिम्मेदारी है। यदि अधिकारी यह नहीं कर सकते तो अपना काम बंद कर घर जाएं।

कहा, तीन साल पहले इंदौर देश का सबसे गंदा शहर था, लेकिन वहां नगर निगम ने संकल्प के साथ काम किया तो आज इंदौर देश का सबसे साफ शहर है। राज्य सरकार की ओर से पर्यटन विभाग के अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने सफाई दी कि आगरा नगर निगम में नए अधिकारी तैनात किए गए हैं। सरकार आगरा की स्वच्छता, सौंदर्यीकरण की योजना बना रही है।

होटल उद्यमियों को बताए गुर

केंद्रीय पर्यटन राज्यमंत्री के. अल्फोंस ने होटल इंडस्ट्री की नामचीन हस्तियों को भी होटल संचालन के गुर सिखाए।  कहा कि भारत में होटल और रेस्तरां विश्व के अन्य देशों की तुलना में अतुल्य है। लेकिन परंपरा को छोड़कर वैश्विक परिदृश्य में परफेक्शन की आवश्यकता है।

उन्होंने कहा कि देश में बडे़ आर्किटेक्ट से डिजाइन कराकर पांच और सात सितारा होटल बनाए जा रहे हैं। लेकिन होटल के कमरे खोलते ही वाशरूम होता है, जबकि वाशरूम कमरे के पिछले हिस्से में होना चाहिए। होटल के सुइट में बेडरूम और ड्राइंग स्पेस के बीच में पार्टीशन नहीं दिया जाता है, जबकि प्राइवेसी के लिए दोनों में पार्टीशन होना आवश्यक है।

तेज मिर्च का ऑमलेट खिलाया
के. अल्फोंज ने होटल और रेस्तरां के भोजन में अनावश्यक मसाले और मिर्च डालने पर भी आपत्ति जताई। कहा कि इसी होटल के रेस्तरां में उन्हें मिर्च वाला तीखा ऑमलेट खिलाया गया, जबकि वह मिर्च नहीं खाते हैं। ग्राहक से पूछा जाना चाहिए कि कितना मसाला खाना है, कैसा भोजन खाना है। ग्राहक की पसंद से भोजन बनेगा तो ग्राहकी भी बढ़ेगी।

 
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.....और टैक्सी लेकर होटल पहुंचे पर्यटन मंत्री के अल्फोंस

केन्द्रीय पर्यटन मंत्री के. अल्फोंस शुक्रवार को राजधानी स्थित अमौसी एयरपोर्ट से टैक्सी में कानपुर रोड पर बंथरा स्थित होटल में पहुंचे।
अल्फोंस शुक्रवार सुबह फ्लाइट से अमौसी एयरपोर्ट पहुंचे।

एयरपोर्ट पर उनकी अगुवानी के लिए राज्य सरकार का कोई मंत्री या अधिकारी मौजूद नहीं था। अल्फोंस ने कुछ देर तक इधर उधर तलाशा लेकिन कोई प्रोटोकॉल अधिकारी भी नहीं मिला। सुरक्षा के लिए कर्मचारी या फ्लीट भी नहीं थी।

एयरपोर्ट पर उन्हें किसी ने नहीं पहचाना तो वह एक आम आदमी की तरह टैक्सी लेकर होटल पहुंच गए। अपने उद्बोधन की शुरूआत में अल्फोंस ने संयमित भाषा में इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि एयरपोर्ट पर उन्हें लेने के लिए पर्यटन मंत्री डॉ. रीता बहुगुणा जोशी को आना था लेकिन न तो वह आईं न ही कोई अधिकारी वहां मौजूद था। इसलिए वह खुद ही टैक्सी कर होटल आ गए।
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