अगले साल प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव को देखते हुए इस बार यूपी को केंद्रीय बजट में खास तरजीह मिलने की उम्मीद है। खास तौर से शहरी विकास के साथ प्रदेश की राजधानी लखनऊ में मेट्रो रेल सेवा के विस्तार को भी रफ्तार देने के लिए बजट में बड़ी रकम मिल सकता है। वहीं, रियल एस्टेट सेक्टर को भी बजट में तरजीह दी जा सकती है। वहीं, अमृत, 2-0 के तहत 59 शहरों में सीवरेज सुविधाओं का दायरा बढ़ाने के लिए भी बजट में बड़ी रकम की मांग पर पूरी हो सकती है।
बता दें कि लखनऊ में मेट्रो रेल परियोजना के दूसरे चरण का काम शुरू करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इसपर आने वाले खर्च में केंद्र सरकार से भी बजट मिलना है। इसके लिए प्रदेश सरकार की ओर से 32,075 करोड़ रुपये की मांग केंद्र से की गई है। उम्मीद है कि रविवार को पेश होने वाले बजट में इसकी घोषणा हो सकती है। पिछले दिनों प्रदेश वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने केंद्रीय वित्त मंत्री के समक्ष 2047 तक के लक्ष्य को रखते हुए लखनऊ, गौतमबुद्ध नगर और गाजियाबाद में मेट्रो रेल सेवा का विस्तार और वाराणसी, गोरखपुर, मेरठ और प्रयागराज में भी मेट्रो रेल सेवा शुरू करने की योजना के लिए भी बजट की मांग रखी थी। इसलिए प्रदेश सरकार को उम्मीद है कि इस मद में बड़ी रकम मिल सकती है।