लखनऊ। एसटीएफ ने फर्जी दस्तावेजों के जरिये मुद्रा लोन योजना में करोड़ों रुपये का घोटाला करने के आरोपी यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के अधिकारी नितिन चौधरी को दिल्ली से गिरफ्तार किया है।
वर्तमान में वह दिल्ली की वसंत विहार शाखा में क्रेडिट मैनेजर के पद पर कार्यरत था। ट्रांजिट रिमांड पर उसे लखनऊ लाया गया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। उसके पास मोबाइल फोन, आधार कार्ड, क्रेडिट कार्ड, मेट्रो कार्ड और नकदी बरामद हुई है।
एसटीएफ एएसपी विशाल विक्रम के मुताबिक आरोपी नितिन चौधरी मूलरूप से आजमगढ़ का निवासी है। वर्ष 2021 में लखनऊ की कल्याणपुर शाखा में उसकी तैनाती थी।
आरोप है कि उसी दौरान उसने नावेद नाम के फर्नीचर कारीगर के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए थे। फिर उन दस्तावेज के आधार पर फर्जी फर्में खोलकर करोड़ों रुपये का मुद्रा लोन लेकर रकम पार की थी। मामले में जानकीपुरम शाखा में तैनात रहे शाखा प्रबंधक गौरव कुमार समेत तीन आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। एएसपी ने बताया कि नितिन के खिलाफ पुख्ता सुबूत जुटाने के बाद कार्रवाई की गई है।
100 से ज्यादा लोगों के नाम पर फर्जी लोन
जांच में सामने आया कि यह संगठित गिरोह चलाता है। इसमें बैंक कर्मियों के साथ फर्जी दस्तावेज बनाने वाले भी शामिल हैं। गिरोह ने करीब 100 लोगों के नाम पर फर्जी तरीके से मुद्रा लोन पास कराकर करीब दस करोड़ रुपये हड़प लिए। विशाल विक्रम ने बताया कि प्रकरण की विवेचना जारी है। यह रकम बढ़ भी सकती है। कई संदिग्धों की भूमिका की जांच की जा रही है।
ऐसे करते थे धोखाधड़ी
पूछताछ में आरोपी ने बताया कि लोगों के आधार व पैन कार्ड पर लगी फोटो एडिट कर दूसरे व्यक्तियों की फोटो लगाई जाती थी और उनके नाम से फर्जी कंपनियां बनाकर लोन पास कराया जाता था। लोन की रकम गिरोह के बनाए गए फर्जी खातों में ट्रांसफर कर बांट ली जाती थी। ट्रांजेक्शन के इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य एसटीएफ के पास हैं।